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हैदराबाद का वो अनोखा मंदिर जहां ‘वीजा’ की मुराद लेकर आते हैं भक्त! जानें इस मंदिर की अनोखी मान्यता

Chilkur Balaji Temple: हैदराबाद में मौजूद चिलकुर बालाजी मंदिर अपनी अनोखी मान्यता के कारण देशभर में प्रसिद्ध है. यहां आने वाले कई भक्त मानते हैं कि भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करने और विशेष अनुष्ठान करने से विदेश जाने का सपना पूरा हो सकता है. इसी वजह से इसे आम बोलचाल में ‘वीजा बालाजी मंदिर’ भी कहा जाता है.

Last Updated: March 16, 2026 | 6:11 PM IST
हैदराबाद की यात्रा में क्यों खास है यह मंदिर - Photo Gallery
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हैदराबाद की यात्रा में क्यों खास है यह मंदिर

अगर कोई व्यक्ति हैदराबाद घूमने आता है और चिलकुर बालाजी मंदिर के दर्शन नहीं करता, तो कई लोग उसकी यात्रा अधूरी मानते हैं. यह मंदिर उस्मान सागर झील के पास विकाराबाद रोड पर स्थित है और भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है. अपनी खास मान्यताओं के कारण यह मंदिर स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी आकर्षित करता है.

Why Chilkur Balaji Temple Is Called Visa Temple - Photo Gallery
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क्यों कहा जाता है इसे ‘वीजा मंदिर’

यहां आने वाले श्रद्धालुओं के बीच यह विश्वास प्रचलित है कि सच्चे मन से प्रार्थना करने पर विदेश यात्रा से जुड़ी बाधाएं दूर हो सकती हैं. पढ़ाई, नौकरी या यात्रा के लिए विदेश जाने की इच्छा रखने वाले कई लोग यहां आकर भगवान से आशीर्वाद मांगते हैं. इसी कारण समय के साथ इस मंदिर को “वीजा बालाजी मंदिर” के नाम से पहचान मिलने लगी.

मंदिर की उत्पत्ति से जुड़ी मान्यता - Photo Gallery
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मंदिर की उत्पत्ति से जुड़ी मान्यता

मंदिर से जुड़ी एक प्रचलित कथा के अनुसार इसका इतिहास लगभग 16वीं या 17वीं शताब्दी से जुड़ा माना जाता है. कहा जाता है कि एक भक्त हर वर्ष तिरुपति जाकर भगवान बालाजी के दर्शन करता था, लेकिन एक बार अस्वस्थ होने के कारण वह वहां नहीं जा सका. उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान स्वयं उसके सामने प्रकट हुए और उसी स्थान पर उनकी पूजा शुरू हुई. बाद में उसी जगह मंदिर का निर्माण किया गया.

Visa Belief Behind Chilkur Balaji Temple - Photo Gallery
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कैसे लोकप्रिय हुई ‘वीजा’ वाली मान्यता

समय के साथ कई छात्रों और युवाओं ने दावा किया कि यहां प्रार्थना करने के बाद उन्हें विदेश जाने के लिए वीजा मिल गया. इन अनुभवों की चर्चा फैलने के बाद धीरे-धीरे यह मंदिर उन लोगों के लिए आस्था का केंद्र बन गया जो विदेश में पढ़ाई या काम करने का सपना देखते हैं.

11  108 Parikrama Ritual Explained - Photo Gallery
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मंदिर में होने वाला विशेष अनुष्ठान

मंदिर में एक खास परंपरा भी निभाई जाती है. माना जाता है कि भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने की कामना से मंदिर के गर्भगृह के चारों ओर 11 परिक्रमा करते हैं. कई लोग इस दौरान हाथ में कागज-कलम लेकर अपनी इच्छा लिखते हैं या मन ही मन प्रार्थना करते हैं.जब उनकी मनोकामना पूरी हो जाती है, तो वे धन्यवाद स्वरूप फिर से मंदिर आकर 108 परिक्रमा करते हैं. इसे भगवान के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक माना जाता है.

Spiritual Meaning of 108 Parikrama - Photo Gallery
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परिक्रमा के पीछे का आध्यात्मिक अर्थ

कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुरुआती 11 परिक्रमा सृष्टि और जीवन के रहस्य को दर्शाती हैं, जहां प्रत्येक संख्या जीव और शरीर के संबंध का प्रतीक मानी जाती है. वहीं मनोकामना पूरी होने के बाद की जाने वाली 108 परिक्रमा को भी विशेष आध्यात्मिक महत्व दिया जाता है.

Temple With No Donation Box or VIP Darshan - Photo Gallery
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बिना दान पेटी और वीआईपी व्यवस्था वाला मंदिर

चिलकुर बालाजी मंदिर की एक और खास बात यह है कि यहां दान देने के लिए पारंपरिक हुंडी (दान पेटी) नहीं रखी गई है. साथ ही यहां किसी तरह की वीआईपी दर्शन व्यवस्था भी नहीं है. सभी श्रद्धालु एक ही कतार में खड़े होकर भगवान के दर्शन करते हैं, जिससे मंदिर की सादगी और समानता की भावना बनी रहती है.

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