Chocolate Day 2026: भारत में कितने तरह की चॉकलेट? कौन फ्लेवर फायदेमंद कौन नहीं? चॉकलेट से जुड़े 7 रोचक फैक्ट
Chocolate Day 2026: आज वैलेंटाइन वीक का तीसरा दिन यानी चॉकलेट डे है. इस सप्ताह में 7 अलग-अलग दिन होते हैं, जिसकी शुरुआत Rose Day से होती है. यह पूरा सप्ताह प्यार की शक्ति को समर्पित है और लोगों से आग्रह करता है कि वे जिनसे प्यार करते हैं, उनके प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करें. इसके बाद 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे (Valentine Day 2026) मनाया जाएगा. आज के दिन लोग अपने पार्टनर को चॉकलेट देकर उससे अपने प्यार और समर्पण का भाव प्रकट करते हैं. बता दें कि, भारत में चॉकलेट तीन तरह की मौजूद हैं. हालांकि, फ्लेवर अलग-अलग है. यह सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. चॉकलेट को लेकर लोगों में और भी कई तरह के सवाल होते हैं. जैसे- चॉकलेट और डार्क चॉकलेट में क्या अंतर? क्या डार्क चॉकलेट में कैफीन होता है और कितना? क्या डार्क चॉकलेट के कोई नुकसान भी हैं? आइए जानते हैं चॉकलेट से जुड़े रोचक फैक्ट्स-
चॉकलेट से जुड़े रोचक फैक्ट्स
वैलेंटाइन वीक का चलन और महत्व
हर साल फरवरी के दूसरे हफ्ते में वैलेंटाइन वीक पूरी दुनिया में धूमधाम से मनाया जाता है. यह सप्ताह प्यार, प्यार की शक्ति को समर्पित है और लोगों से आग्रह करता है कि वे जिनसे प्यार करते हैं, उनके प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करें. जो लोग रिलेशनशिप में हैं, वो अपने पार्टनर के साथ पूरा हफ्ता बिताएंगे. वैलेंटाइन वीक 7 फरवरी से 14 फरवरी तक मनाया जाता है. इस हफ्ते की शुरुआत रोज डे से होती है और वैलेंटाइन डे पर खत्म होती है.
चॉकलेट से जुड़े रोचक फैक्ट्स
भारत में कितने तरह की चॉकलेट?
भारत में मुख्य रूप से 3 तरह की चॉकलेट मिल्क, डार्क और व्हाइट को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. मिल्क चॉकलेट में दूध और कोकोआ बटर होता है. इसमें शुगर ज्यादा होती है. वाइट चॉकलेट में कोकोआ नहीं होता. डार्क चॉकलेट में 70% कोकोआ होता है और इसमें मीठा बिल्कुल नहीं होता. यह खाने में बहुत कड़वी होती है और चीनी-फैट ना होने की वजह से सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है
चॉकलेट से जुड़े रोचक फैक्ट्स
चॉकलेट के पसंदीदा फ्लेवर कौन-कौन हैं?
कुवर्टर चॉकलेट, आयातित चॉकलेट, डिजाइनर चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी चॉकलेट, ढाला चॉकलेट, सादा चॉकलेट, हेज़लनट चॉकलेट, चॉकलेट, चॉकलेट बार, चॉकलेट दिल, दूध चॉकलेट, स्लैबडार्क चॉकलेट, अनुकूलित चॉकलेट, सुगंधित चॉकलेट, घर का बना चॉकलेट, कॉर्पोरेट चॉकलेट, अखरोट चॉकलेट, बटरस्कॉच चॉकलेट, काजू चॉकलेट, मौसमी चॉकलेट आदि.
चॉकलेट से जुड़े रोचक फैक्ट्स
चॉकलेट और डार्क चॉकलेट में क्या अंतर है?
डार्क चॉकलेट में कोई अतिरिक्त मिल्क सॉलिड शामिल नहीं है जो कि इसके और मिल्क चॉकलेट के बीच का प्राथमिक अंतर है. डार्क चॉकलेट में अक्सर कोको की मात्रा अधिक होती है. यह डार्क चॉकलेट के समृद्ध गहरे चॉकलेट स्वाद को बढ़ाता है.
चॉकलेट से जुड़े रोचक फैक्ट्स
क्या डार्क चॉकलेट में कैफीन होता है?
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो, चॉकलेट में कैफीन का स्तर अलग-अलग होता है. इसमें मौजूद कोको ठोस पदार्थों की संख्या जितनी अधिक होती है उतनी ही अधिक होती है. डार्क चॉकलेट के एक औंस में लगभग 12 मिलीग्राम कैफीन होगा.
चॉकलेट से जुड़े रोचक फैक्ट्स
डार्क चॉकलेट में क्या खास है?
डार्क चॉकलेट अपनी उच्च कोको सामग्री (70% से अधिक) के कारण विशेष है, जो इसे एंटीऑक्सीडेंट, आयरन, मैग्नीशियम और फाइबर का समृद्ध स्रोत बनाती है. यह हृदय स्वास्थ्य में सुधार, ब्लड प्रेशर कम करने, मूड को बेहतर बनाने और त्वचा को चमक देने में मदद करती है. डार्क चॉकलेट खाने से आपके दांतों में कैविटी का खतरा बिल्कुल नहीं बढ़ता है, लेकिन इससे आपको कैंसर होने की संभावना कम हो सकती है.
चॉकलेट से जुड़े रोचक फैक्ट्स
डार्क चॉकलेट के साइड इफेक्ट्स क्या हैं?
बहुत अधिक डार्क चॉकलेट का सेवन करने से रक्त में कैफीन की मात्रा बढ़ सकती है जिससे आप बीमार निर्जलित और नींद महसूस कर सकते हैं. डार्क चॉकलेट का अनुशंसित दैनिक सेवन 30 से 60 ग्राम के बीच होता है.
चॉकलेट से जुड़े रोचक फैक्ट्स
चॉकलेट और टॉफ़ी में क्या अंतर है?
चीनी और मक्खन से बने सख्त और चिपचिपे व्यंजन टॉफ़ी हैं. कोको के बीजों का उपयोग चॉकलेट बनाने के लिए किया जाता है. बीजों को साफ किया जाता है निर्जलित किया जाता है फिर से साफ किया जाता है और अंत में भुना जाता है.