कई देशों में फैला Covid का ‘सिकाडा वैरिएंट’, क्या मौजूदा वैक्सीन अब भी असरदार, क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
कोविड-19 सिकाडा (BA.3.2) वेरिएंट के नाम के पीछे की कहानी क्या है?
इसका वैज्ञानिक नाम BA.3.2 है, और यह COVID वेरिएंट के Omicron परिवार से ताल्लुक रखता है. सिकाडा इसका निकनेम है, जिसका नाम इसी नाम के एक कीड़े के नाम पर रखा गया है. इस नाम के पीछे की कहानी Cicada कीड़े के व्यवहार से जुड़ी है; यह कीड़ा सालों तक ज़मीन के नीचे छिपा रहता है और फिर अचानक बाहर निकलता है. ठीक इसी तरह, यह वेरिएंट, जो BA.3 वंश से जुड़ा है 2022 के बाद पूरी तरह से गायब हो गया था; लेकिन, अब यह अचानक वापस आ गया है और इस बार, इसमें बड़ी संख्या में म्यूटेशन (बदलाव) हुए हैं.
कोविड-19 सिकाडा में 75 म्यूटेशन का क्या मतलब है?
जब कोई वायरस एक होस्ट बॉडी से दूसरी होस्ट बॉडी में जाता है, तो उसके अंदर संरचनात्मक बदलाव होते हैं, इस प्रक्रिया को 'म्यूटेशन' कहते हैं. ज़्यादा म्यूटेशन होने का सीधा सा मतलब है कि उसकी संरचना में ज़्यादा बदलाव हुए हैं. इस खास वेरिएंट के मामले में, इसके स्पाइक प्रोटीन में लगभग 70 से 75 बदलाव देखे गए हैं.
कोविड-19 सिकाडा (BA.3.2) वेरिएंट पर विशेषज्ञों की राय
World Health Organization (WHO) लगातार इस वेरिएंट का अध्ययन कर रहा है. हालांकि, अब तक ऐसा कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है जिससे यह पता चले कि यह कोई बड़ा खतरा पैदा करता है. इसलिए, इस समय कोई पक्के बयान नहीं दिए जा सकते. डॉ. अग्रवाल का कहना है कि, इन म्यूटेशन की प्रकृति को देखते हुए, यह मुमकिन है कि यह वेरिएंट मौजूदा वैक्सीन की असरदारता को कम कर दे. हालांकि, इस खास मुद्दे के बारे में और ज़्यादा रिसर्च या पक्का डेटा मिलने के बाद ही स्थिति ज़्यादा साफ़ हो पाएगी. इसके अलावा, इन म्यूटेशन की प्रकृति को देखते हुए, यह वेरिएंट और भी ज़्यादा संक्रामक साबित हो सकता है.
क्या नए कोविड वैरिएंट सिकाडा पर पुराना टीका करेगा काम?
2025–2026 के COVID-19 टीके, जो JN.1 वंश को टारगेट करते हैं, मौजूदा स्ट्रेन से होने वाली गंभीर बीमारी से बचाने में असरदार माने जाते हैं. CDC ने बताया कि लैब स्टडीज़ में, ये टीके BA.3.2 के खिलाफ कम असरदार पाए गए; हालांकि, इस मामले पर और रिसर्च की जरूरत है.
नए कोविड वैरिएंट सिकाडा पर U.S. स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय
U.S. मीडिया आउटलेट Today.com को दिए एक इंटरव्यू में, गार्सिया-सास्त्रे ने कहा कि यह पूरी तरह से साफ़ नहीं है कि मौजूदा टीके कितने असरदार होंगे, लेकिन यह संभावना है कि वे अभी भी कुछ हद तक सुरक्षा देंगे. एक और विशेषज्ञ, पेकोरोरो ने कहा, टीकाकरण अभी भी मामलों को सीमित करने में मदद करेगा.
मौजूदा COVID-19 टीके असरदार बने रहेंगे – WHO
WHO के अनुसार, यह उम्मीद है कि मौजूदा COVID-19 टीके गंभीर बीमारी से सुरक्षा देना जारी रखेंगे. इस आधार पर, मौजूदा टीकों पर भरोसा किया जा सकता है.
नए कोविड वैरिएंट सिकाडा पर भारतीय डॉक्टर क्या कहते हैं?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभी तक इस मामले पर कोई खास जानकारी जारी नहीं की है. फिर भी, वरिष्ठ डॉक्टरों डॉ. अग्रवाल और डॉ. हिमांशु गुप्ता ने कहा कि हमारे पास अभी जो टीके उपलब्ध हैं, वे कोरोना वायरस से सुरक्षा देने के लिए बनाए गए हैं. फिलहाल, इनके अलावा कोई और टीके उपलब्ध नहीं हैं.