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Dhruv Rathee Dhurandhar 2: इस बार ध्रुव राठी ने कर दी हद पार! धुरंधर 2 को बता दिया ‘ब्रेनवॉश’

Dhruv Rathee On Dhurandhar 2: ‘द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़ना जारी रखे हुए है और फ़िल्म इंडस्ट्री में इसे काफ़ी तारीफ़ मिल रही है. लेकिन, अपनी पिछली फ़िल्म की तरह ही, इस फ़िल्म ने भी दर्शकों और समीक्षकों के बीच अपने राजनीतिक संदेश को लेकर एक बहस छेड़ दी है. इसी चल रही चर्चा के बीच, YouTuber ध्रुव राठी, जिन्होंने पहले ‘धुरंधर’ फ़िल्म के पहले भाग की आलोचना की थी, उन्होंने ही इस सीक्वल का विश्लेषण करते हुए एक और वीडियो शेयर किया है.

Last Updated: March 27, 2026 | 2:25 PM IST
dhurandhar 2 - Photo Gallery
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बीजेपी से बताया खास कनेक्शन

बता दें कि राठी का कहना है कि नई फिल्म देखने के बाद उनकी पुरानी चिंताएं और भी गहरी हो गई हैं. अपने वीडियो में राठी ने टिप्पणी की, "धुरंधर 2 मनोरंजन के लिए बनाई गई फ़िल्म नहीं है, यह BJP का सबसे महँगा चुनावी विज्ञापन है,

aditya dhar - Photo Gallery
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फिल्म के निर्देशक को बनाया निशाना

इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने  फ़िल्म के निर्देशक को "महा चाटुकार" भी बताया.

dhruv rathee - Photo Gallery
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कहनीं को बताया झूठा

राठी ने अपनी आलोचना को फ़िल्म की अपनी कहानी कहने की शैली के अनुसार ही ढाला, और अपने वीडियो को अलग-अलग अध्यायों में बाँट दिया. उन्होंने फ़िल्म के इस दावे पर सवाल उठाया कि यह असल घटनाओं से प्रेरित एक काल्पनिक कहानी है.

dhruv rathee on dhurandhar - Photo Gallery
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कहनी को बताया  'चीट कोड'

राठी ने इस तरह के अस्वीकरणों को "एक कानूनी 'चीट कोड' कहा, जिसका इस्तेमाल दर्शकों को गुमराह करने के लिए किया जाता है, ताकि वे यह पहचान न पाएँ कि सच कहाँ खत्म होता है और कल्पना कहाँ से शुरू होती है."

dhruv rathee video - Photo Gallery
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फिल्म को लेकर क्या बोले राठी

इस YouTuber ने कुछ ऐसे दृश्यों पर भी रोशनी डाली, जिनके बारे में उनका मानना ​​है कि उन्हें दर्शकों में तीव्र भावनात्मक प्रतिक्रियाएँ जगाने के लिए ही बनाया गया है; उन्होंने इस तकनीक को "इमोशनल प्राइमिंग" का नाम दिया.

dhruv rathee on PM Modi - Photo Gallery
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इमोशनल अत्याचार

उन्होंने समझाया, "पहले भावनाएँ जगाओ, और फिर उन्हीं भावनाओं के आधार पर अपनी कहानी गढ़ो." राठी ने यह भी बताया कि इनमें से कुछ दृश्यों को फ़िल्म की कहानी पर बिना कोई असर डाले हटाया जा सकता था, लेकिन उन्हें इसलिए रखा गया ताकि वे दर्शकों की सोच को प्रभावित कर सकें.

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