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Diwali 2025: कब मनाई जाएगी दिवाली? जाने उज्जैन के पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त और पूजा का सही समय

Diwali 2025: Kab hai Diwali? दिवाली 2025 हिन्दू धर्म का त्योहार है, जिसे दीपों की रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है। इस साल दिवाली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। उज्जैन के पंचांग और ज्योतिषाचार्य अक्षत व्यास के अनुसार, अमावस्या तिथि और प्रदोष काल 20 अक्टूबर को ही हैं, इसलिए यही दिन दिवाली के लिए सही माना गया है।

Last Updated: September 27, 2025 | 6:26 PM IST
diwali 2025 - Photo Gallery
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दिवाली 2025

दिवाली हिन्दू धर्म का सबसे बड़ा और धूमधाम मनाने वाला त्योहार है। इसे दीपों की रोशनी का त्योहार कहा जाता है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की पूजा होती है।

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दिवाली 2025 की तारीख

इस बार दिवाली 20 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी।उज्जैन के पंडित अक्षत व्यास के अनुसार, अमावस्या 20 अक्टूबर दोपहर 3:45 बजे से 21 अक्टूबर दोपहर 3:35 बजे तक रहेगी।

diwali 2025 kab hai - Photo Gallery
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प्रदोष काल का महत्व

दिवाली तभी सही समय पर मनाई जाती है जब अमावस्या के बाद कम से कम 24 मिनट तक प्रदोष काल रहे। 20 अक्टूबर को प्रदोष काल है, इसलिए यह दिन दिवाली के लिए सही माना गया है।

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पिछले साल की उलझन

पिछले साल इंदौर और उज्जैन में दिवाली अलग-अलग दिन मनाई गई थी। इंदौर में ज्योतिष परिषद ने 1 नवंबर कि तारीक तय कि, जबकि उज्जैन में शास्त्रसम्मत रूप से 31 अक्टूबर को दिवाली मनाई गई।

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महाकाल मंदिर में आरंभ

उज्जैन में दिवाली की शुरुआत महाकाल मंदिर के दरबार से होगी। चतुर्दशी तिथि पर सुबह 4 बजे भस्म आरती होगी। भगवान महाकाल को स्नान, नवीन वस्त्र और ज़ेवर पहनाकर पूजा की जाएगी।

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शाम का दीपोत्सव

भस्म आरती और पूजा के बाद शाम को दीपोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान फूलझड़ी और दीपक जलाए जाएंगे। भक्त सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए जमा होंगे।

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धार्मिक महत्व

दिवाली अंधकार पर प्रकाश की और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। रामायण के अनुसार, भगवान श्रीराम के अयोध्या मे आगमन पर दीप जलाकर नगर को सजाया गया था। तभी से यह त्योहार हर साल मनाया जाता है।