New Year Vastu 2026: गंगाजल से जुड़ी ये छोटी गलतियां बिगाड़ सकती हैं साल की शुरुआत, अभी जान लें सही नियम
Vastu Tips: हिंदू धर्म में गंगाजल को घर में रखना बेहद शुभ और पवित्र माना जाता है. इसे दैवीय आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है. शास्त्रों में गंगाजल को अमृत के समान बताया गया है, जो वातावरण को शुद्ध करता है. हालांकि, सही तरीकों और नियमों का पालन किए बिना रखा गया गंगाजल अपेक्षित लाभ नहीं दे सकता है. कभी-कभी, अनजाने में की गई छोटी-छोटी गलतियां इसकी प्रभावशीलता को कम कर देती हैं. इसलिए, घर में गंगाजल रखते समय शास्त्रों और वास्तु शास्त्र के नियमों को जानना बहुत जरूरी है.
गंगाजल रखने की सही जगह
सबसे बड़ी गलती गंगाजल को गलत जगह पर रखना माना जाता है. बहुत से लोग इसे बाथरूम, किचन सिंक या ज़मीन के पास रखते हैं. शास्त्रों के अनुसार, गंगाजल को कभी भी अपवित्र जगह पर नहीं रखना चाहिए. इसे बाथरूम या शौचालय के पास रखने से इसकी पवित्रता प्रभावित होती है. इसे हमेशा ऊँची और साफ जगह पर रखना चाहिए. गंगाजल को पूजा घर या मंदिर के पास रखना सबसे अच्छा माना जाता है.
गंगाजल रखने का सही तरीका
शास्त्रों के अनुसार, गंगाजल में स्वयं मां गंगा निवास करती हैं. इसका उपयोग पूजा-पाठ, हवन, ग्रह शांति समारोह और अन्य शुभ अवसरों पर किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि गंगाजल नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करता है और सकारात्मकता बढ़ाता है. यही कारण है कि बहुत से लोग इसे सालों तक घर में रखते हैं. हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगाजल की पवित्रता और सम्मान बनाए रखना जरूरी है. अगर इसे गलत तरीके से रखा जाए, तो इसका आध्यात्मिक प्रभाव धीरे-धीरे कम हो सकता है.
सही बर्तन है बेहद जरूरी
गंगाजल के लिए सही बर्तन चुनना भी बहुत जरूरी है. प्लास्टिक या टूटे हुए बर्तनों में गंगाजल रखना अशुभ माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, गंगाजल को कांच, तांबे या चांदी के बर्तनों में रखना शुभ होता है. ये धातुएं पानी की पवित्रता बनाए रखती हैं. इसे गंदे या खुले बर्तन में रखने से गंगाजल दूषित हो सकता है. इसलिए, हमेशा साफ और ढके हुए बर्तन का इस्तेमाल करें.
गंगाजल रखने की सही दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, गंगाजल को किस दिशा में रखा जाता है, यह भी महत्वपूर्ण है. इसे उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में रखना सबसे शुभ माना जाता है. यह दिशा जल तत्व और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी है. गंगाजल को दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखना सही नहीं माना जाता है. गलत दिशा में रखा गंगाजल मनचाहा फायदा नहीं देता है. इसलिए, इसे घर के मंदिर या अलमारी में रखते समय दिशा का खास ध्यान रखना चाहिए.
समय-समय पर बदलते रहना है बेहद जरूरी
बहुत से लोग गंगाजल को सालों तक बिना बदले रखते हैं, जो एक आम लेकिन बड़ी गलती है. शास्त्रों के अनुसार, गंगाजल को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए. इसे लंबे समय तक खुले बर्तन में रखने से उसमें धूल या गंदगी जमा हो सकती है. इससे उसकी पवित्रता पर असर पड़ता है. माना जाता है कि हर कुछ महीनों में गंगाजल को बदलना शुभ होता है. पुराना गंगाजल पौधों पर या किसी पवित्र जगह पर डाल देना चाहिए.
गंगाजल का उपयोग
गंगाजल का इस्तेमाल भी नियमों के अनुसार ही करना चाहिए. बहुत से लोग इसे आम पानी की तरह इस्तेमाल करते हैं, जो सही नहीं माना जाता है. गंगाजल का इस्तेमाल सिर्फ पूजा-पाठ, शुद्धिकरण की रस्मों या धार्मिक कामों के लिए ही करना चाहिए. बिना नहाए गंगाजल को छूना भी शास्त्रों में मना है. इसके प्रति श्रद्धा और सम्मान बनाए रखना बहुत जरूरी है. तभी घर और जीवन में इसके सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे.