लोहड़ी त्योहार पर भेजें ये शुभकामना संदेश
लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रसिद्ध त्योहार है. यह मकर संक्रान्ति के एक दिन पहले मनाया जाता है. इस लोहड़ी अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजें ये शुभकामना सन्देश
लोहड़ी शुभकामना संदेश
लोहड़ी पर दूर रह रहे अपने परिवार के सदस्यों को भेजें ये शुभकामना संदेश
पौष के अंतिम दिन मनाते हैं लोहड़ी
लोहड़ी पौष के अंतिम दिन, सूर्यास्त के बाद (माघ संक्रांति से पहली रात) यह पर्व मनाया जाता है। यह प्रायः 12 या 13 जनवरी को पड़ता है.
व्याहारिक त्योहार है लोहड़ी
पूस-माघ की कड़कड़ाती सर्दी से बचने के लिए आग भी सहायक सिद्ध होती है. यही व्यावहारिक आवश्यकता 'लोहड़ी' को मौसमी पर्व का स्थान देती है.
20-25 दिन पहले शुरू हो जाती है तैयारी
लोहड़ी से 20-25 दिन पहले ही बालक एवं बालिकाएं 'लोहड़ी' के लोकगीत गाकर लकड़ी और उपले इकट्ठे करते हैं.
चौराहे पर जलाते हैं आग
संचित सामग्री से चौराहे या मुहल्ले के किसी खुले स्थान पर आग जलाई जाती है. मुहल्ले या गांव भर के लोग अग्नि के चारों ओर शाम में इकट्ठे होते हैं.
अग्नि को भेंट की जाती है रेवड़ी
रेवड़ी (और कहीं-कहीं मक्की के भुने दाने) अग्नि की भेंट किये जाते हैं तथा ये ही चीजें प्रसाद के रूप में सभी उपस्थित लोगों को बांटी जाती हैं.