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मजबूरी में हुआ था गुलाब जामुन का आविष्कार, शाहजहां से जुड़ा है इतिहास, 400 साल पुरानी है कहानी

Gulab Jamun: जब भी लोगों से उनकी पसंदीदा मिठाई के बारे में पूछा जाए, तो बहुत से लोग अपनी पसंदीदा मिठाई का नाम बताते हैं. इनमें से कुछ लोग गुलाब जामुन का भी नाम लेते हैं. चीनी की चाशनी में डूबे गुलाब  जामुन भारतीय लोगों को बहुत पसंद आते हैं. लगभग हर भारतीय शादी में गुलाब जामुन देखने को मिल जाते हैं. लेकिन बहुत कम लोग ही जानते होंगे, जो ये जानते होंगे कि गुलाब जामुन का आविष्कार सोच-समझकर नहीं बल्कि मजबूरी में किया था. रसोइयों ने जुगाड़ लगाकर गुलाब जामुन बनाए थे, जो आज भी लोगों के मन को भाते हैं. गुलाब जामुन कोई पारंपरिक मिठाई नहीं है, जो सदियों से चली आ रही है. इसकी कई कहानियां भी प्रचलित हैं, जो अलग-अलग दावे करते हैं.

Last Updated: April 3, 2026 | 11:58 AM IST
How old is Gulab Jamun history? - Photo Gallery
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कितना पुराना है इतिहास?

कहा जाता है कि पहले के समय में बहुत ज्यादा जानवर पाले जाते थे. उस समय खोया (मावा) खराब न हो और उसे बचाने के लिए कई कोशिशें की गईं. उसके लिए तरह-तरह की डिश बनाने का प्रयोग किया जाने लगा. इसी तरह अनजाने में लगभग 400 साल पहले गुलाब जामुन बन गया.

history dates back to Mughal era - Photo Gallery
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मुगल काल के समय से जुड़ा है इतिहास

कहा जाता है कि लगभग 400 साल पहले मुगल काल के शाहजहां के समय में गुलाब जामुन का इतिहास जुड़ा हुआ है. माना जाता है कि इसकी जड़ें 13वीं सदी में ईरान के 'लुकमत-अल-कादी' से जुड़ी हैं. ये तुर्कों के जरिए भारत पहुंची.

Contribution of Mughal Emperor in Gulab Jamun - Photo Gallery
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मुगल बादशाह का भी योगदान

एक कहानी में ये भी कहा जाता है कि गुलाब जामुन का वजूद मुगल बादशाह शाहजहां के भी योगदान से आया है. ये भी माना जाता है कि गुलाब जामुन एक हैप्पी एक्सीडेंट है यानी अनजाने में शुरू हुई.

Gulab Jamun Became Signature Dish of Mughal Empire - Photo Gallery
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बनी मुगलिया सल्तनत की सिग्नेचर डिश

मुगल काल के समय में फ्रिज तो होते नहीं थे. ऐसे में मावा यानी खोया काफी खराब हो जाया करता था. खोया खराब होने से बचाने के लिए बावर्ची ने इसका प्रयोग करने के लिए मावे के गोल-गोल लड्डू बनाकर उन्हें देसी घी में सुनहरा होने तक भूना. इसके बाद इसे खुशबूदार चाशनी में डुबा दिया गया. ये तैयार होने के बाद वहां मौजूद सभी लोगों को पसंद आई. ये प्रयोग मुगल सल्तनत की सिग्नेचर डिश बन गया.

name of Gulab Jamun in Persian - Photo Gallery
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फारसी में गुलाब जामुन का नाम

गुलाब जामुन का इतिहास सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि संबंध मध्य पूर्व की एक मिठाई 'लुकमत-अल-कादी' से भी माना जाता है. गुलाब जामुन को फारसी में लुक्मा भी कहा जाता था.

How was Gulab Jamun made in Arabia? - Photo Gallery
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अरब में कैसे बनता था गुलाब जामुन?

अरबी देशों में गुलाब जामुन मावे से नहीं बल्कि आटे के घोल से बनाया जाता था. हालांकि भारतीय रसोइयों ने इसमें मावा और खोया का इस्तेमाल करके इसे नरम बनाया गया है.

Gulab Jamun Meaning - Photo Gallery
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क्या है गुलाब जामुन का अर्थ?

गुलाब शब्द फारसी भाषा से लिया गया है. गुल का अर्थ फूल और आब का अर्थ पानी होता है. ये गुलाब जल वाली चाशनी की ओर इशारा करता है. वहीं इसके गहरे रंग और आकार के कारण इसे जामुन कहा गया. इस तरह से इसका नाम गुलाब जामुन पड़ा.

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