लटकने की ताकत: एक आसान एक्सरसाइज से पूरे शरीर का रीसेट
फिटनेस कोच योगेश के अनुसार, रोज़ाना डेड हैंग्स एक असरदार लेकिन कम आंकी जाने वाली एक्सरसाइज़ है. ये रीढ़ की हड्डी को आराम देती हैं, पोस्चर सुधारती हैं, कंधों की मोबिलिटी बढ़ाती हैं और दिन में सिर्फ़ 30 सेकंड में शरीर को नैचुरली रीसेट करने में मदद करती हैं.
सबसे आसान रीसेट मूव
योगेश के अनुसार, सिर्फ़ एक बार से लटकना ही सिर्फ़ ग्रेविटी का इस्तेमाल करके अपने शरीर को रीसेट करने का सबसे आसान तरीका है, इसके लिए किसी इक्विपमेंट या मुश्किल रूटीन की ज़रूरत नहीं होती.
ग्रेविटी आपकी रीढ़ की हड्डी को ठीक करती है
हर सेकंड जब आप लटकते हैं, तो आपकी रीढ़ की हड्डी धीरे-धीरे डीकंप्रेस होती है. इससे बैठने, स्क्रीन टाइम और भारी चीज़ें उठाने से बनने वाले प्रेशर से राहत मिलती है.
कंधे अपनी नैचुरल पोज़िशन में लौट आते हैं
लटकने से आपके कंधे नैचुरली अपनी जगह पर आ जाते हैं जिससे खराब पोस्चर और रोज़ाना के स्ट्रेस के कारण होने वाली अकड़न और जकड़न को कम करने में मदद मिलती है.
पोस्चर रीसेट
नियमित रूप से लटकने से ऊपरी शरीर खुलता है और रीढ़ की हड्डी लंबी होती है, जिससे आज के समय में आम गोल कंधे और आगे की ओर झुके सिर के पोस्चर को ठीक किया जा सकता है.
लैट और थोरैसिक मोबिलिटी को अनलॉक करता है
यह आसान मूवमेंट लैट फ्लेक्सिबिलिटी और थोरैसिक स्पाइन मोबिलिटी को बेहतर बनाता है, जो खासकर तब फायदेमंद होता है जब आप वज़न उठाते हैं या लंबे समय तक बैठते हैं.
कंधों में मूवमेंट की बेहतर रेंज
लटकने से सिर के ऊपर के मूवमेंट आसान हो जाते हैं, जिससे पुल-अप्स, प्रेस और स्विमिंग जैसी एक्सरसाइज़ ज़्यादा सुरक्षित और कंट्रोल्ड महसूस होती हैं.
डीकंप्रेशन और चेस्ट एक्सपेंशन
आपको अपनी रीढ़ की हड्डी, छाती, कंधों और पसलियों में गहरा खिंचाव महसूस होगा, जिससे पूरे ऊपरी शरीर में जगह बनेगी.
धीरे-धीरे शुरू करें, फ़र्क महसूस करें
योगेश सलाह देते हैं कि दिन में सिर्फ़ 30 सेकंड से शुरू करें. लटकते समय गहरी सांसें लें ताकि रिलैक्सेशन और मोबिलिटी के फ़ायदों को बढ़ाया जा सके.