गेहूं की रोटी से भी हो सकती है एलर्जी? किन लोगों को करना चाहिए परहेज? जानें नुकसान
Health Risk from Wheat Roti: लगभग हर दूसरे घर में गेहूं की रोटी खाई जाती है. उत्तर भारत ही नहीं लगभग पूरे देश में रोटी बड़े चाव से खाई जाती है. लोग सब्जी, दही, कढ़ी और तमाम चीजों के साथ रोटी खाना पसंद करते हैं. हालांकि बहुत से लोगों के लिए रोटी नुकसानदायक होती है. इसका सेवन करने से ब्लोटिंग और थकान संबंधित समस्याएं हो सकती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें, तो बहुत से लोगों को गेहूं की रोटी खाने से एलर्जी हो सकती है. वहीं कुछ अन्य लोगों को भी रोटी से परहेज करना चाहिए. गेहूं की रोटी में मौजूद ग्लूटेन डाइजेस्टिव सिस्टम और इम्यून सिस्टम पर नेगेटिव इम्पेक्ट डालते हैं.
1 फीसदी लोगों को गेहूं की रोटी से परेशानी
गेहूं में ग्लूटेन के प्रति एक ऑटोइम्यून रिएक्शन होता है, जिसे सीलिएक डिजीज कहते हैं. ये आंतों को नुकसान पहुंचाती है. इसके कारण लगभग 1 फीसदी लोगों को परेशानी हो सकती है. हालांकि उन्हें इस बारे में पता नहीं चल पाता है.
ठीक से अब्जॉर्ब नहीं हो पाते न्यूट्रिएंट्स
मेयो क्लिनिक की रिपोर्ट में कहा गया है कि सीलिएक डिजीज के कारण न्यूट्रिएंट्स ठीक से अब्जॉर्ब नहीं हो पाते, जिसके कारण एनीमिया और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्या हो सकती है. वहीं बहुत से लोगों में नॉन-सीलिएक ग्लूटेन सेंसिटिविटी देखने को मिली है, जिसके कारण पेट फूलना, थकावट और सिरदर्द की समस्या हो सकती है.
पाया जाता है हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स
जानकारी के अनुसार, गेहूं की रोटियों में हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स पाया जाता है, जिसकेकारण ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है. ये डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
डायबिटीज के मरीज गेहूं से बनाएं दूरी
इस बारे में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. वात्स्या ने कहा कि जिन लोगों को डायबिटीज है, उन्हें गेहूं की रोटी का सेवन कम से कम करना चाहिए. उन्हें इंसुलिन रेजिस्टेंस से बचने के लिए बाजरा या ज्वार की रोटी का सेवन करना चाहिए.
गेहूं की रोटी से बढ़ सकता है वजन
गेहूं की रोटी खाने से वजन बढ़ता है और कोलेस्ट्रॉल की परेशानी हो सकती है. अगर कोई भी केमिकल से उगाए गए गेहूं को रोजाना खाया जाए तो इससे लिवर पर असर पड़ सकता है.
बढ़ सकती है PCOS और PCOD की समस्या
आज के समय में महिलाओं में PCOS और PCOD की समस्या तेजी से बढ़ रही है. विशेषज्ञों की मानें, तो हार्मोनल असंतुलन के कारण महिलाओं में ये समस्या हो रही है. ऐसे में गेहूं का ज्यादा सेवन करने से परेशानी बढ़ सकती है.
कौन नहीं पचा सकता गेहूं की रोटी?
बता दें कि गेहूं में कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स होता है, जिसके कारण इरिटेबल बॉउल सिंड्रोम (IBS) से परेशान लोगों को आसानी से गेहूं की रोटी नहीं पचती. इसके कारण गैस बनना, पेट फूलना और कब्ज जैसी परेशानियां हो सकती हैं.