भारतीय रेलवे का सिग्नल सिस्टम केवल आवाज नहीं, लोको पायलट-गार्ड के बीच की साइन लैंग्वेज है, जानें मतलब
Hidden Signal System of Indian Railways: भारत में कई रूटों पर रोजाना हजारों ट्रेन चलती हैं और करोड़ों की संख्या में लोग ट्रैवल करते हैं. इनमें कुछ ट्रेनें यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाती हैं, तो वहीं कुछ ट्रेनें माल ढाने के लिए एक जगह से दूसरी जगह पर जाती हैं. इनमें एक कॉमन चीज होती है, वो है इनका हॉर्न. यात्रियों को ले जाने वाली ट्रेन और मालगाड़ी वाली ट्रेन दोनों ही ट्रेनें हॉर्न जरूर मारती हैं. अक्सर सबके हॉर्न सेम सुने होंगे लेकिन ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि ट्रेनें सिर्फ एक ही तरह का हॉर्न नहीं बजाती. वे कुल 11 तरह के हॉर्न बजाती हैं.
एक छोटा हॉर्न
बता दें कि जब किसी ट्रेन को धुलाई के लिए जाना होता है, तो ऐसे में लोको पायलट स्टेशन पर छोटा हॉर्न बजाता है, जिसका मतलब होता है कि ट्रेन यार्ड में धुलाई के लिए और सफाई के लिए जाने को रेडी है.
दो छोटे हॉर्न
ट्रेन जब दो छोटे हॉर्न बजाती है, तो मतलब वो चलने के लिए तैयार है. लोको पायलट गार्ड को सिग्नल देता है कि ट्रेन के चलने का समय हो गया है. इसके बाद गार्ड के सिग्नल के बाद ट्रेन चलने लगती है.
तीन छोटे हॉर्न
जब ट्रेन किसी एमरजैंसी सिचुएशन में होती है, तो तीन छोटे हॉर्न बजाए जाते हैं. तीन हॉर्न बजाकर लोको पायलट हॉर्न गार्ड को बताता है कि उसका ट्रेन पर कंट्रोल नहीं रहा है. इसके बाद गार्ड वैक्यूम लगाकर ट्रेन रोकता है.
चार छोटे हॉर्न
जब ट्रेन में किसी तरह की तकनीकी खराबी आ जाती है, तो लोको पायलट चार हॉर्न बजाकर गार्ड को इसका सिग्नल देता है.
छह छोटे हॉर्न
जब ट्रेन मुश्किल स्थिति में फंस जाती है, तो लोको पायलट छह बार छोटे हॉर्न बजाता है. इसके जरिए वो नजदीकी रेलवे स्टेशन से मदद मांगता है. ये हॉर्न चोरी या डकैती या फिर बदमाशों के आने पर या फिर लूट से बचने के लिए सिग्नल देने के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.
एक लंबा हॉर्न
ये हॉर्न यात्रियों को सतर्क करने के लिए होता है, जिसका मतलब होता है कि ट्रेन इस स्टेशन पर नहीं रुकेगी और यात्री सतर्क रहें.
एक छोटा, एक बड़ा हॉर्न
ट्रेन के इंजन को शुरू करने से पहले लोको पायलट गार्ड को ब्रेक पाइप सिस्टम सेट करने के लिए सिग्नल देता है. इसके लिए एक छोटा और एक लंबा हॉर्न बजाया जाता है.
दो छोटे और एक बड़ा हॉर्न
जब किसी इमरजेंसी स्थिति में कोई ट्रेन की चेन खींच देता है या फिर गार्ड वैक्यूम ब्रेक लगा देता है, तो लोको पायलट गार्ड को इंजन का कंट्रोल लेने के लिए दो छोटे और एक लंबा हॉर्न बजा कर संकेत देता है.
दो बड़े, एक छोटा हॉर्न
लोको पायलट दो बड़े एक छोटा हॉर्न तब बजाते हैं, जब ट्रेन को सफर के दौरान ट्रैक बदलना होता है. एक छोटा हॉर्न बजाकर इस बात का इशारा देता है कि वह ट्रैक बदल रहा है.
लगातार हॉर्न
जब कोई ट्रेन लगातार हॉर्न बजाती है, तो वो हॉर्न उन यात्रियों के लिए होता है, जो प्लेटफॉर्म पर खड़े होते हैं. इससे पता चलता है कि ट्रेन स्टेशन पर नहीं रुकेगी और सीधे निकल चली जाएगी.
रेलवे क्रॉसिंग पर चलने वालों के लिए
जब दो बार रुक-रुककर ट्रेन में हॉर्न बजता है, तो वो हॉर्न रेलवे क्रॉसिंग पर चल रहे लोगों के लिए होता है. इससे लोको पायलट उन्हें इशारा देता है कि ट्रेन आने वाली है और रेलवे ट्रैक से दूर हट जाएं.