Holika Dahan: दौलत से भर जाएगी तिजोरी, बुरी नजर से भी करेगी बचाव..! जानिए होलिका की राख के शक्तिशाली उपाय
Holika Dahan Ki Rakh Ke Upay: होली सनातन धर्म के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है. यह त्योहार पूरी निष्ठा और परंपरा के साथ मनाया जाता है. माना जाता है कि, होलिका दहन के साथ सभी बुराइयों का नाश हो जाता है. फाल्गुन पूर्णिमा की रात को लोग मिलकर होलिका जलाते हैं और भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उनके जीवन से दुख, तनाव और बुरी ऊर्जा दूर हो जाएं. होलिका दहन की अग्नि को पवित्र माना जाता है और उससे प्राप्त भस्म यानी राख को भी शुभ समझा जाता है. इसीलिए होलिका दहन के अगले दिन बची राख को शुभ माना जाता है. अक्सर लोग इसे साधारण राख मानकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह भस्म सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होती है. मान्यता है कि यह भस्म नकारात्मकता को दूर कर घर में सुख, समृद्धि और सफलता का मार्ग खोलती है. धन वृद्धि से लेकर नजर दोष और ग्रह शांति तक, इसके कई पारंपरिक उपाय बताए जाते हैं. आइए जानते हैं, जानते हैं इसके प्रमुख और चर्चित उपाय.
होली 2026 कब है?
ज्योतिष गणना के अनुसार, साल 2026 में होली 4 मार्च 2026, बुधवार को मनाई जाएगी. वहीं, होलिका दहन 3 मार्च 2026 दिन मंगलवार को अर्धरात्रि में किया जाएगा. बता दें कि, फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर हो जाएगी. फिर इस तिथि का समापन 3 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में तिथि की गणना के अनुसार, 3 मार्च 2026 को होलिका दहन किया जाएगा. इसी दिन चंद्र ग्रहण लगेगा, जोकि भारत में देखा जा सकेगा. इसके बाद 4 मार्च 2026 को रंगों की होली खेली जाएगी.
घर में राख लाने से क्या होगा?
उन्नाव के ज्योतिषी ऋषिकांत मिश्र शास्त्री कहते हैं कि, होलिका दहन की अग्नि में नकारात्मक शक्तियां और बुरे प्रभाव भस्म हो जाते हैं. यही कारण है कि इस अग्नि से प्राप्त राख को शुद्ध और शक्तिशाली माना जाता है. परंपरा के अनुसार, होलिका दहन के अगले दिन सुबह स्नान करने के बाद थोड़ी सी भस्म घर लानी चाहिए. इस भस्म को लाल कपड़े में बांधकर पूजा स्थान, तिजोरी या घर के मुख्य दरवाजे के पास रखा जाता है. ऐसा करने से नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है.
धन और बरकत के उपाय
कई परिवार राख को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखते हैं. कहा जाता है कि इससे अनावश्यक खर्च कम होते हैं. एक अन्य मान्यता के अनुसार, राख में गुड़ और काले तिल मिलाकर “ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप किया जाता है. फिर इसे धन स्थान के पास रखा जाता है. इसे आर्थिक बाधाएं दूर करने वाला उपाय माना जाता है. कुछ व्यापारी दुकान या ऑफिस के मुख्य द्वार पर राख की छोटी पोटली लटकाते हैं. विश्वास है कि रुका व्यापार दोबारा गति पकड़ता है.
सफलता और करियर में लाभ
जरूरी काम या इंटरव्यू से पहले माथे पर राख का तिलक लगाया जाता है. इसे आत्मविश्वास बढ़ाने वाला प्रतीक माना जाता है. त्रिपुंड के रूप में भस्म लगाने की परंपरा भी प्रचलित है. मान्यता है कि इससे मानसिक शांति मिलती है और बाधाएं कम होती हैं.
नजर दोष और नकारात्मकता से बचाव
लोक परंपरा के अनुसार, राख में नमक और राई मिलाकर नजर उतारी जाती है. मिश्रण को सात या नौ बार वारकर बाहर फेंकने या जला देने की प्रथा है. घर के चार कोनों और मुख्य द्वार पर राख छिड़कना भी शुभ माना जाता है. इसे नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा का उपाय कहा जाता है.
वास्तु और ग्रह शांति
कुछ लोग घर के उत्तर-पूर्व दिशा में राख रखते हैं. इसे वास्तु दोष कम करने वाला उपाय माना जाता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, राख को जल में मिलाकर शिवलिंग पर अभिषेक करने से ग्रह दोष शांत होते हैं.