Holika Dahan Rituals Explained: होलिका दहन पर इन मंत्रों का जाप करने से होगी मनोकामना पूरी, होलिका दहन से जुड़ी दिलचस्प बातें
Holika Dahan Rituals Explained: होली की तैयारियां तेजी से चल रही हैं. लोग रंगों का त्योहार मनाने के लिए तरह-तरह के आयोजन भी करते हैं. रंग वाली होली मनाने से पहले होली का दहन किया जाता है. कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि होलिका दहन में किन मंत्रों का जाप करना चाहिए और कौन सी रस्में निभानी होती हैं, तो चलिए इनके बारे में जानते हैं.
बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है होली
होली को रंगों का पर्व कहा जाता है. यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक मानी जाती है और इसका धार्मिक महत्व अत्यंत गहरा है.
होलिका दहन कब और क्यों किया जाता है?
होलिका दहन फाल्गुन महीने की पूर्णिमा की रात को किया जाता है, जिसे छोटी होली या होलिका दहन भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन अग्नि में आहुति देने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है.
होलिका दहन से वास्तु उपाय
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन यदि कोई पीली सरसों, कपूर को अपने ऊपर से पांच बार घुमाकर अग्नि में डालता है तो उसके ऊपर नेगेटिविटी नहीं रहती. साथ ही घर का वास्तु भी अच्छा होता है इसलिए होलिका दहन में गोबर के उपले जलाने का महत्व है.
मां लक्ष्मी की कृपा
इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से और लक्ष्मी मंत्रों का जाप करने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. यह काफी खास दिन माना जाता है.
इन मंत्रों का कर सकते हैं जाप
इस दिन कुछ मंत्रों का जाप करना बेहद फायदेमंद बताया गया है. जब आप अग्नि के चारो ओर परिक्रमा करते हैं तब भगवान नारायण का ओम नमो भगवते वासुदेवाय, मंत्र का जाप करें या फिर हरे राम हरे कृष्ण महामंत्र का जाप करें. घर पर जाप के लिए सबसे पहले हाथ पैर धोकर अपनी आसन पर आकर आचमन और शुध्दि कर लें. फिर पहले गुरु मंत्र और गणेश मंत्र का जाप करना चाहिए. इससे आपके ऊपर कृपा बनी रहती है और सुरक्षा कवच तैयार होता है. इसके बाद आप इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं:
सुरक्षा और समृद्धि के लिए मंत्र
असृक्पाभय संतस्त्रैः कृताः त्वं होलि बालिशैः.
अतस्त्वां पूजयिष्यामि भूते भूतिप्रदा भव..
स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्.
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्..
गायत्री मंत्र (आध्यात्मिक उन्नति के लिए)
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं.
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्..
उबटन लगाने का महत्व
बिहार में कई जगहों पर होलिका दहन के दिन उबटन लगाया जाता है और फिर उसे अग्नि में डाला जाता है. ऐसी मान्यता है कि इससे उनके शारीरिक दोष खत्म हो जाते हैं. साथ ही नेगेटिविटी और गृहों की चाल भी ठीक होती है.
बुरे शब्द न निकालें
इस दिन अपने मुंह से बुरे शब्द, बहस, लड़ाई, गुस्सा और अपमानजनक व्यवहार नहीं करना चाहिए. लोगों को पीले, लाल, नारंगी या गहरे गुलाबी जैसे चमकीले शुभ रंग पहनना चाहिए. इस दिन पैसे के लेनदेन से बचना चाहिए.
बड़ों का लें आशीष
धार्मिक दृष्टिकोण से होलिका दहन के बाद अग्नि की पांच या सात परिक्र्मा जरूर लगाएं. कुछ स्थानों पर गेहूं की बाली को जलाया जाता है, जो कि चैत्र की फसल की शुरुआत मानी जाती है. सभी लोगों को गुलाल का टीका लगाया जाता है. होलिका दहन के बाद बड़ों का आशीर्वाद लेना अच्छा माना जाता है.
डिस्क्लेमर
यह लेख धार्मिक मान्यताओं और आस्था पर आधारित है. इंडिया न्यूज किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता है. यह जानकारी कई स्त्रोतों से ली गई है. Indianews.in इसकी पुष्टि नहीं करता है.