होम लोन प्री-पेमेंट करना कितना सही? क्या हैं इसके फायदे-नुकसान, समझें पूरा हिसाब
home loan pre payment benefits: आज के समय में अपना घर खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन रोजमर्रा के खर्चे और फाइनेंशियर प्रॉबलम के चलते लोग कई बार अपना घर लेने का सपना पूरा नहीं कर पाते हैं. हालांकि, आज के समय में किस्तों पर घर लेना आसान हो गया है. लेकिन, इसके लिए ज्यादातर लोग लंबे समय की EMI बनवाते हैं.
बहुत से लोग होम लोन लेने के बाद प्री-पेमेंट करने के बारे में भी सोचते हैं. आपके लिए प्री-पेमेंट करना कितनी किफायती होगी और इसके क्या फायदे-नकसान हो सकते हैं.
क्या है प्री-पेमेंट?
होम लोन की प्री-पेमेंट को आसान शब्दों में समझें तो इसका मतलब है कि आपने जितने समय के लिए होम लोन लिया है आपसे उस अवधि से पहले ही भर दे रहे हैं. अगर आपने 10 साल के लिए लोन लिया है और आप उसे 4 साल में ही भर देते हैं तो यह होम लोन की प्री-पेमेंट होगी.
ब्याज की होगी बचत
अगर आप सम. से पहले ही अपने होम लोन को भर देते हैं तो ऐसे में आप हर महीने बैंक को देने वाले ब्याज से बच जाएंगे. अगर आपने 12 से 15 प्रतिशत की दर पर ब्याज बैंक से लोन लिया है तो ऐसे में आपके महीने के हजारों रुपये बच जाएंगे.
लोन की अवधि कम हो जाती है
अगर आप होम लोन ले रहे हैं तो ऐसे में वह कई बार 8 से 10 साल के लिए भी होती है. अगर आपको यह अवधि लंबी लगती है तो ऐसे में आप होम लोन की प्री-पेमेंट कर सकते हैं. इससे लोन का झंझट नहीं रहेगा.
EMI का नहीं रहेगा दबाव
अगर आपको लग रहा है कि होम लोन लेकर अपने उपर ईएमआई का एक झंझट या बोझ बना लिया है तो ऐसे में आप लोन की प्री-पेमेंट कर सकते हैं. इससे आप फाइनेंशियली फ्री हो जाते हैं.
बढ़ता है क्रेडिट स्कोर
होम लोन को समय से चुकाने या समय से पहले ही पूरे पैसों का भुगतान कर देने से आपके क्रेडिट स्कोर पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ऐसा करने से आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार होगा और भविष्य में आप ज्यादा का भी लोने ले सकते हैं.
वित्तीय सुरक्षा
अगर आप होम लोन की पेमेंट पहले ही करके अपने लोन को खत्म कर देते हैं तो ऐसे में आप वित्तीय सुरक्षा ले सकते हैं. ऐसा करने से आपके उपर किसी तरह का दबाव नहीं रहता है, जिससे आपको कोई लोड लेने की जरूरत नहीं है.
क्या हो सकते हैं नुकसान?
अगर आप अपने होम लोन की प्री-पेमेंटट करते हैं तो ऐसे में आपके पास रखी नगत राशि या आपके खाते का बैलेंस कम हो जाएगा. इसके अलावा आपके लिए टैक्स में मिलने वाली रिबेट का भी नुकसान हो सकता है. कुछ मामलों में अन्य जगहों पर निवेश करने के मौके भी गंवा सकते हैं.