LIC की बंद पॉलिसी में फंसे हैं पैसे? घर बैठे ऐसे क्लेम करें रुका हुआ अमाउंट, किन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
LIC policy Claim: LIC में निवेश करना निश्तितौर पर एक बेहतर ऑप्शन होता है. LIC में निवेश करके आप अपने जीवन को न केवल सुरक्षित बनाते हैं, बल्कि बचत करके अपने आने वाले समय के लिए एक अच्छा-खासा अमाउंट तैयार कर लेते हैं. पॉलिसी मैच्योर होने पर आपको टैक्स देने की भी जरूरत नहीं है.
कई बार किसी कारणवश पॉलिसी को बीच में ही रोकना पड़ता है. ऐसी स्थिति में यानि पॉलिसी लैप्स हो जाने के बाद अपने फंसे हुए पैसे को कैसे बाहर निकलवाएं.
कैसे क्लेम करें अमाउंट?
अगर आप अपनी लैप्स पॉलिसी में फंसे पैसे निकालना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एलआईसी की ब्रांच जाना होगा. अब आपको पॉलिसी को सरेंडर करना होगा और जो भी सरेंडर वैल्यू बनेगी वह आपके खाते में कुछ दिनों के भीतर भेज दी जाएगी.
कितना मिलेगा पैसा?
अगर आप अपनी एलआईसी की रुकी हुई पॉलिसी का पैसा लेना चाहते हैं तो ऐसे में आपको आप द्वारा जमा किया गया पूरा अमाउंट नहीं मिलेगा, बल्कि कुछ प्रतिशत पैसे काटकर ही दिए जाते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि आपने बीच में ही पॉलिसी को सरेंडर किया है.
कैसे शुरु कराएं पॉलिसी?
अगर आप अपना रुका हुआ पैसा न लेकर पॉलिसी को दोबारा से चालू कराना चाहते हैं तो अपना आधार कार्ड और बैंक की डिटेल लेकर ब्रांच जाएं. आप चाहें तो अपने एजेंट के जरिए भी ये काम करा सकते हैं. इसके लिए आपको अभी तक का रुका हुआ प्रीमियम जमा करना पड़ेगा.
किन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत?
पॉलिसी को सरेंडर कराने या अपना फंसा हुआ पैसा निकलवाने के लिए आपको एक सरेंडर फॉर्म साइन करने की जरूरत है. इसके अलावा पॉलिसी बॉन्ड, आधार कार्ड और जिस बैंक में पैसे लेना चाहते हैं उसका एक कैंसल चेक देना होगा.
रुका हुआ पैसा लें या नहीं?
बहुत से लोग सोचते हैं कि एलआईसी पॉलिसी लैप्स हो गई है तो उसका अमाउंट फंस गया है. जबकि, ऐसा नहीं है आप पूरा प्रीमियम भरकर उसे दोबारा शुरु करा सकते हैं और मैच्योर होने पर ज्यादा पैसा ले सकते हैं.
घर बैठे कैसे करें अप्लाई?
एलआईसी पॉलिसी के रुके हुए पैसे लेने के लिए आप www.licindia.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. इसके साथ ही आप अपने एलआईसी एजेंट से पॉलिसी सरेंडर करने का फॉर्म मंगवाकर भरवा सकते हैं.
कब करा सकते हैं पॉलिसी सरेंडर?
पहले पॉलिसी को सरेंडर करने का समय 3 साल के बाद होता था. लेकिन, अब यह समय सीमा कम करके केवल एक साल कर दी गई है. अब आप एक साल बाद पॉलिसी सरेंडर करा सकते हैं.