हार्दिक पांड्या से लेकर धोनी तक, कानूनी पचड़े में पड़ चुके हैं ये स्टार खिलाड़ी; कुछ तो खा चुके हैं जेल की हवा
Indian Cricketers Legal Cases: भारत ने T20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया जिससे पूरे देश में जश्न मनाया गया. हालांकि इस जीत के उत्साह के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. उनके खिलाफ वर्ल्ड कप फाइनल के बाद जश्न के दौरान भारतीय झंडे का अपमान करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की गई है. यह शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो पर आधारित है जिसमें दावा किया गया है कि हार्दिक ने जश्न के दौरान राष्ट्रीय झंडे का ठीक से सम्मान नहीं किया.मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शिकायत पुणे के वकील वाजिद खान बिडकर ने दर्ज कराई है. उन्होंने शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में एक एप्लीकेशन दी जिसमें आरोप लगाया गया कि T20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद मैदान पर जश्न के दौरान हार्दिक पांड्या ने भारतीय झंडे के साथ ऐसा व्यवहार किया जो राष्ट्रीय झंडे के लिए अपमानजनक था. तो चलिए जानते हैं हार्दिक पांड्या के अलवा और कौन से खिलाड़ी हैं जिन पर कानूनी शिकायतें हुईं हैं.
नवजोत सिंह सिद्धू
पूर्व भारतीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू पर मर्डर केस चला. 1988 में, सड़क पर एक 50 साल के आदमी से उनकी लड़ाई हो गई, जिससे उनकी मौत हो गई. इसके चलते उन्हें कुछ साल जेल में बिताने पड़े.
अमित मिश्रा
स्पिनर अमित मिश्रा को पुलिस ने बेंगलुरु के एक होटल में एक महिला पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. उनके खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 354 और 328 के तहत केस दर्ज किया गया था.
श्रीसंत
स्टार फास्ट बॉलर एस. श्रीसंत को 2013 में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. श्रीसंत ने लगभग एक महीना तिहाड़ जेल में बिताया. इस आरोप के कारण BCCI ने उन पर बैन भी लगाया था, जो उनके बरी होने के बाद ही हटाया गया.
विनोद कांबली
सचिन तेंदुलकर के दोस्त विनोद कांबली भी टीम इंडिया के लिए खेले थे. हालांकि, उन्होंने अपना करियर खुद बर्बाद कर लिया. 2015 में, उन्हें और उनकी पत्नी को एक नौकरानी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
सुरेश रैना
टीम इंडिया की 2011 वर्ल्ड कप टीम के अहम सदस्य सुरेश रैना को 2020 में COVID-19 प्रोटोकॉल तोड़ने के लिए गिरफ्तार किया गया था. COVID-19 महामारी के दौरान, रैना को एक क्लब में सिंगर गुरु रंधावा के साथ पार्टी करते हुए पाया गया था. रैना उस समय गिरफ्तार किए गए 34 लोगों में से एक थे, जिसमें वह खुद भी शामिल थे.
धोनी
फरवरी 2024 में धोनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई था. जिसमे दावा दावा किया गया था कि मौजूदा खिलाड़ी होने के साथ एक क्रिकेट एकेडमी के मालिक भी थे. इस स्थिति ने कथित तौर पर बीसीसीआई के कॉन्फ्लिक्ट-ऑफ-इंटरेस्ट (हितों का टकराव) नियमों के रूल 38(4)(ए) और रूल 38(4)(पी) को तोड़ा. शिकायत में उन पर 2018 में नियम बदलने के बाद रूल्स 38(2) और 38(5) के तहत डिस्क्लोजर की जरूरतों को पूरा नहीं करने का भी आरोप लगाया गया था.
धोनी को बड़ी राहत
वहीं मामले में धोनी को बड़ी राहत मिली है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एथिक्स ऑफिसर, जस्टिस अरुण मिश्रा ने भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के खिलाफ दर्ज की गई हितों के टकराव की शिकायत खारिज कर दी है. जस्टिस मिश्रा ने कहा है कि बोर्ड के नियमों के तहत किसी भी उल्लंघन का कोई सबूत नहीं है.