तमिलनाडु में जन्मी 31 साल की लड़की ने अमेरिका में रचा इतिहास, बनी वाशिंगटन डीसी मेयर इलेक्शन की पहली साउथ एशियन कैंडिडेट
Rini Sampath: छ अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में मेयर का चुनाव हो रहा है. यह चुनाव भारत के लिए इसलिए ज़रूरी है क्योंकि भारतीय मूल की महिला रिनी संपत यह चुनाव लड़ रही हैं. तमिलनाडु में जन्मी रिनी प्राइमरी चुनाव बैलेट पर आने वाली पहली साउथ एशियन कैंडिडेट बन गई हैं. भारतीय महिला रिनी डेमोक्रेटिक पार्टी से चुनाव लड़ रही हैं. वह 31 साल की हैं और एक सरकारी कॉन्ट्रैक्टर हैं. रिनी ने अपना कैंपेन बेसिक चीज़ों पर बेस्ड किया है. उन्होंने चुनाव की थीम “Fix the Basics” चुनी है, जिसे उन्होंने अपना वादा बताया है.
रिनी संपत कौन हैं?
रिनी संपत एक इंडियन-अमेरिकन प्रोफेशनल और उभरती हुई पॉलिटिकल हस्ती हैं, जो 2026 में वाशिंगटन DC में मेयर का चुनाव लड़ रही हैं.
तमिलनाडु में हुआ जन्म
तमिलनाडु के थेनी में जन्मी वह सात साल की उम्र में यूनाइटेड स्टेट्स चली गईं.वह 31 साल की हैं और एक दशक से ज़्यादा समय से वाशिंगटन DC में रह रही हैं.प्रोफेशनली वह एक सरकारी कॉन्ट्रैक्टर और साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल के तौर पर काम करती हैं.
एजुकेशन और शुरुआती लीडरशिप
संपत ने यूनिवर्सिटी ऑफ़ सदर्न कैलिफ़ोर्निया (USC) से पढ़ाई की, जहाँ उन्होंने 2015 में स्टूडेंट बॉडी प्रेसिडेंट के तौर पर नेशनल लेवल पर पहचान बनाई.USC में अपने समय के दौरान, उन्होंने कैंपस सेफ्टी, डाइवर्सिटी और स्टूडेंट राइट्स की वकालत की, और रेसिज़्म और हैरेसमेंट के खिलाफ आवाज़ उठाई.
पॉलिटिकल करियर
वह 2026 वाशिंगटन DC मेयर की रेस में डेमोक्रेटिक कैंडिडेट के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं.खास बात यह है कि वह इस पोस्ट के लिए चुनाव लड़ने वाली पहली साउथ एशियन कैंडिडेट्स में से हैं.संपत खुद को एक पॉलिटिकल आउटसाइडर के तौर पर पेश करती हैं. रिनी संपत ने अपनी चुनावी वेबसाइट किए गए पोस्ट में कहा कि मैं कोई राजनेता नहीं हूं. मैं किसी खास हित समूह की ऋणी नहीं हूं. अब समय आ गया है कि कोई बाहरी शख्स आए, जो हमारे शहर की बुनियादी सेवाओं को ठीक करने पर पूरी तरह से जोर लगाए. उसका काम इसपर केंद्रित हो.
कैंपेन एजेंडा
उनका कैंपेन “Fix the Basics” थीम पर केंद्रित है जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार (सड़कें, गड्ढे),पोटोमैक नदी में गंदे पानी की समस्या को ठीक करना.रहने का खर्च कम करना, 911 रिस्पॉन्स टाइम जैसी इमरजेंसी सेवाओं में सुधार करना जैसी चीज़ों पर फ़ोकस किया गया है. उन्होंने मौजूदा लीडरशिप की आलोचना यह तर्क देते हुए कि है कि शहर की सरकार बुनियादी सेवाएँ देने में नाकाम रही है.
राजनीति में क्यों आईं?
संपत का कहना है कि चुनाव लड़ने का उनका फैसला शहर की खराब सर्विस से परेशान होने की वजह से था, जिसमें बर्फीले तूफानों से निपटने में नाकामी और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल है.