Kavach v4.0: अब नहीं होगी ट्रेनों की टक्कर! इस रूट पर शुरू हुआ रेलवे का ‘कवच v4.0’, यहां पढ़िए कैसे बचाएगा आपकी जान?
Automatic train protection system: भारतीय रेलवे ने रचा इतिहास! मुंबई मंडल के विरार-सूरत सेक्शन पर दुनिया की सबसे आधुनिक सुरक्षा प्रणाली ‘कवच v4.0’ हुई शुरू. आखिर कैसे सयाजी एक्सप्रेस बनी इस बदलाव की गवाह? जानें इस हाई-टेक सुरक्षा घेरे की वो खूबियां, जो रेल सफर को हमेशा के लिए सुरक्षित बना देंगी.
ऐतिहासिक शुरुआत
पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल में 30 जनवरी 2026 को ट्रेन संख्या 20907 सयाजी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर 206 किमी लंबे विरार-सूरत सेक्शन पर कवच v4.0 का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया.
व्यापक कवरेज
इस नई तकनीक के दायरे में कुल 28 स्टेशन और 28 ब्लॉक सेक्शन शामिल किए गए हैं, जिससे रेल सुरक्षा का एक मज़बूत घेरा तैयार हुआ है.
अत्याधुनिक उपकरण
सिस्टम को सुचारू बनाने के लिए रिले रूम और रिले हट्स में 33 एस-कवच (S-Kavach) उपकरण स्थापित किए गए हैं.
कनेक्टिविटी नेटवर्क
ऑटो हट्स और OC में 64 रिमोट इंटरफेस यूनिट (RIUs) लगाए गए हैं, जो ट्रेनों और स्टेशनों के बीच सटीक तालमेल सुनिश्चित करेंगे.
मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर
निर्बाध सिग्नलिंग के लिए पूरे सेक्शन में 40 मीटर ऊंचे 33 जालीदार टावर (Tubular Lattice Towers) खड़े किए गए हैं.
हाई-स्पीड डेटा
सुरक्षा प्रणाली को रीयल-टाइम डेटा देने के लिए दोहरे रास्तों (Dual Paths) पर 412 किमी लंबी ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाई गई है.
रिकॉर्ड समय में कार्य
मई 2025 में लोको ट्रायल से लेकर जनवरी 2026 में अंतिम मंज़ूरी तक, इस जटिल परियोजना को बहुत ही तेज़ गति और सटीकता के साथ पूरा किया गया है.
मिशन वडोदरा
यह 206 किमी का सेक्शन, विरार से वडोदरा के बीच पश्चिम रेलवे द्वारा तैयार किए जा रहे कुल 344 किमी 'कवच' नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है