Indian students Mental Health: विदेशी विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य संकट, यहां जानें पीछे की वजह
Indian Students Mental Illness: विदेशी संस्थानों में भारतीय छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने के पीछे कई चौंकाने वाले वजह सामने निकलकर आ रहे हैं. जहां, सबसे प्रमुख वजह ‘कल्चरल शॉक’ और भाषा की बाधा देखने को मिल रही है, जो उन्हें स्थानीय समुदाय से अलग-थलग कर देती है.
घर की याद से छात्रों में अकेलेपन
सांस्कृतिक अलगाव और घर की याद (Homesickness) छात्रों में अकेलेपन और मानसिक तनाव का सबसे बड़ा प्राथमिक वजह बनती जा रही है.
छात्रों में शैक्षणिक उत्कृष्टता का भारी दबाव
शैक्षणिक उत्कृष्टता (Academic Excellence) का भारी दबाव और भविष्य के करियर को लेकर अनिश्चितता छात्रों की चिंता (Anxiety) को पूरी तरह से बढ़ाने में बेहद ही मदद करता है.
रहने के खर्चों के बोझ छात्र हुए परेशान
शिक्षा ऋण (Education Loan) की अदायगी और रहने के खर्चों का बोझ छात्रों को मानसिक रूप से कमजोर करने के साथ-साथ बेहद ही असुरक्षित बनाता है.
भारतीय छात्रों को देनी चाहिए सेवाएं
विदेशी विश्वविद्यालयों को भारतीय छात्रों की विशिष्ट सांस्कृतिक आवश्यकताओं को समझने के लिए विशेष परामर्श सेवाएं देनी चाहिए.
सहायक नेटवर्क तैयार करना है महत्वपूर्ण
छात्रों को स्थानीय भारतीय समुदायों और छात्र संगठनों से जुड़कर अपना एक सहायक नेटवर्क (Support System) तैयार करना महत्वपूर्ण होता है.
'पीयर-टू-पीयर' सपोर्ट ग्रुप बनाने की जरूरत
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए संस्थानों को नियमित कार्यशालाएं और 'पीयर-टू-पीयर' सपोर्ट ग्रुप बनाने चाहिए.
संकट के समय मदद मांगने में न हो परेशान
सबसे आखिरी में संकट के समय मदद मांगने की हिचकिचाहट को दूर करने के लिए गोपनीयता सुनिश्चित करना बेहद ही अनिवार्य है.