Interesting Facts: गैस या तेल टैंकर गोल ही क्यों होते हैं? चौकोर डिजाइन क्यों खतरनाक, इसके पीछे की वजह
Interesting Facts: सड़क पर चलते समय आपने यह ध्यान दिया होगा कि ऑक्सीजन, गैस या तेल के टैंकर अक्सर बेलनाकार (गोल सेप) ही नजर आते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन्हें चौकोर क्यों नहीं बनाया जाता? दरअसल इसके पीछे मजबूत इंजीनियरिंग और सुरक्षा से जुड़ी वजह होती हैं. आइए समझते हैं इसके पीछे का विज्ञान.
टैंकर गोल ही क्यों होते हैं?
टैंकर का गोल आकार होने की वजह से पूरे कंटेनर में दबाव एक जैसा रहता है.
टैंकर गोल ही क्यों होते हैं?
अगर टैंकर के आकार कोने होंगे, तो कोनों पर दबाव ज्यादा पड़ेगा और इससे फटने के चांसेज ज्यादा बढ़ जाते हैं.
टैंकर गोल ही क्यों होते हैं?
टैंकर के आकार गोल होने से सिलेंडर को उठाना और रखना तथा ट्रांसपोर्ट करना आसान होता है.
टैंकर गोल ही क्यों होते हैं?
गोल आकार होने के चलते निचले हिस्से में नमी नहीं ठहरती है. नमी रुकने की वजह से सिलेंडर के निचले हिस्से में जंग लगने की संभावना होती है.
टैंकर गोल ही क्यों होते हैं?
जब गोल टैंकर में भी तरल पदार्थ भरा होता है, जो चलते समय हिलता-डुलता रहता है. गोल आकार होने से तरल आसानी से बहता है और टैंकर बैलेंस में रहता है.
टैंकर गोल ही क्यों होते हैं?
गोल आकार होने से सिलेंडर को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान होता है. इसलिए सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए भी गैस सिलेंडर हमेशा बेलनाकार (गोल) बनाए जाते हैं.
टैंकर गोल ही क्यों होते हैं?
गैस सिलेंडर को गोल (बेलनाकार) बनाने की सबसे बड़ी वजह प्रेशर यानी दबाव होती है. जब किसी गैस या तरल पदार्थ को किसी टैंक में भरा जाता है, तो अंदर काफी ज्यादा दबाव बनता है.
टैंकर गोल ही क्यों होते हैं?
अगर कंटेनर चौकोर होता तो उसके कोनों पर ज्यादा दबाव पड़ता. इससे खतरा और बढ़ जाता है कि वहां से गैस लीक हो सकती है या सिलंडर फट भी सकता है.