ईदी देगा अब कौन? ईरानी नाविक का निकला जनाजा, हाथ में गुड़िया लिए रोती रही मासूम बच्ची, Photos
शनिवार को जब पूरी दुनिया ईद की रौनक मना रही है, तब ईरान और लेबनान में लाखों लोग गमगीन हैं. अमेरिका-इजरायल के साथ चल रही जंग में शहीदों, बेघरों और बर्बाद परिवारों का भविष्य अंधेरे में है. ईद पर तोहफे-ईदी बांटने की परंपरा है, लेकिन इन बेकसूरों को न्याय और उम्मीद की ईदी कौन देगा? यही सवाल शुक्रवार को ईद से एक दिन पहले मशहद से आई एक मार्मिक तस्वीर ने खड़ा कर दिया. ईद से ठीक पहले शुक्रवार को यह भावुक दृश्य सामने आया, जिसमें एक मासूम बच्ची की तस्वीर ने सभी को रुला दिया.
बच्ची की मार्मिक तस्वीर
हाथ में गुड़िया थामे, गले पर ईरानी झंडे का चित्र और आंसुओं से भरी आंखों वाली बच्ची शहीद नाविक की तस्वीर के पास फूट-फूटकर रो रही है. ईरानी न्यूज चैनल प्रेस टीवी ने एक्स पर ये दिल दहला देने वाली तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें हजारों लोग जनाजे में शामिल दिखे. इस तस्वीर ने हर किसी को भावुक कर दिया.
IRIS डेना पर अमेरिकी हमला
हिंद महासागर में 4 मार्च 2026 को अमेरिकी पनडुब्बी ने IRIS डेना युद्धपोत पर टॉरपीडो हमला किया, जिसमें 80 से अधिक ईरानी नाविक शहीद हो गए। यह जहाज भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित International Fleet Review और MILAN-2026 से लौट रहा था. ईरान ने इसे युद्ध अपराध करार दिया.
मशहद में निकला भावुक जनाजा
ईद से ठीक पहले 19 मार्च 2026 को मशहद शहर में शहीद नाविकों का जनाजा निकाला गया. हजारों लोग सड़कों पर उमड़ आए, ताबूतों को कंधा दिया। प्रेस ईरानी मीडिया ने ये मार्मिक तस्वीरें साझा कीं, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो रहा है.
ईरान का गुस्सा और प्रतिक्रिया
ईरान ने अमेरिका पर 'आतंकी हमला' का आरोप लगाया और शहीदों के ताबूतों की तस्वीरें जारी कीं. मशहद में भारी भीड़ ने नारेबाजी की. ईरानी मीडिया ने इसे कभी न भूलने वाली घटना बताया.
पृष्ठभूमि और प्रभाव
IRIS डेना ईरान का आधुनिक फ्रिगेट था, जो श्रीलंका के पास अंतरराष्ट्रीय जल में हमले का शिकार हुआ. अभी भी कई नाविक लापता हैं.