47 सालों से ईरान की जनता को अपना लीडर चुनने का इंतजार है, जल्द ही अच्छे दिन आएंगे – एलनाज नोरौजी
ईरान में जन्मी एक्टर एलनाज नोरौजी एक बेहतरीन सुपरस्टार हैं. उन्हें सेक्रेड गेम्स के लिए सबसे ज़्यादा जाना जाता है. एलनाज ने ईरान-इज़राइल में चल रहे झगड़े और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद कुछ ऐसा कहा कि अब उसकी चर्चा हर जगह हो रही है. चलिए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा?
एलनाज नोरौजी कौन हैं?
एलनाज ने 2017 में एक पाकिस्तानी फिल्म से एक्टिंग में डेब्यू किया था, जिसके बाद वह 2018-19 में सेक्रेड गेम्स के दो सीजन में नजर आईं. उसके बाद वह अभय, मेड इन हेवन और है जुनून जैसे शो के साथ-साथ जुगजुग जियो और मस्ती 4 जैसी फिल्मों में भी नजर आईं. 2023 में उन्होंने कंधार में हॉलीवुड में डेब्यू किया, जिसमें वह जेरार्ड बटलर और अली फजल के साथ नजर आईं. एलनाज अभी अक्षय कुमार के साथ व्हील ऑफ फॉर्च्यून में को-होस्ट के तौर पर नजर आ रही हैं.
एलनाज ने ईरान युध्द पर क्या बात की?
एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में जर्मन नागरिकता रखने वाली एलनाज ने उन रिपोर्ट्स पर भी बात की जिनमें बताया गया था कि ईरान के अधिकारियों ने देश के लोगों की बात सुने बिना अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना. उन्होंने उस समय के बारे में भी बताया जब उनके परिवार ने ईरान छोड़ने का फैसला किया था. आखिर में उन्होंने सदियों से इस झगड़े में फंसे साथी ईरानियों के लिए उम्मीद का मैसेज शेयर किया.
क्या वह ईरान में अपने लोगों से बात कर सकती हैं?
एलनाज ने बताया कि अभी ईरान में मेरे परिवार या दोस्तों से मेरी कोई बातचीत नहीं हो पा रही है क्योंकि वहां फिर से ब्लैकआउट हो गया है. ईरान में हमेशा अशांति रहती है. हम जानते हैं कि हमें घर पर रहने और बाहर न जाने के लिए कहा गया था, ताकि सभी आम लोग सुरक्षित रहें. प्रेसिडेंट ट्रंप ने भी यही कहा है. हमारे क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने कहा कि सभी को अपने घरों के अंदर रहना चाहिए. इसी तरह वे सुरक्षित हैं. इसलिए जब जनवरी या दिसंबर में विरोध प्रदर्शन हुए तो लोगों को तब युद्ध के दौरान अब की तुलना में ज़्यादा असुरक्षित महसूस हुआ.
ईरान के नए सुप्रीम लीडर पर कही यह बात
रिपोर्ट्स के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा हुसैनी खामेनेई को ईरान का अगला सुप्रीम लीडर चुना गया है. नए चुने गए लीडर के बारे में पूछे जाने पर एलनाज ने कहा कि जो लोग पावर में आते हैं, उन्हें ईरान के लोग नहीं चुनते और यह कोई एक महीने या एक साल की प्रॉब्लम नहीं है बल्कि, यह 47 साल से हो रहा है.
पावरफुल लोगों को ईरानी नहीं चुनते
एलनाज ने कहा कि पिछले 47 सालों की तरह जो लोग पावर में आ रहे हैं, उन्हें ईरान के लोगों ने नहीं चुना है. अली खामेनेई के साथ भी ऐसा ही हुआ था. उन्होंने कहा कि 47 सालों से ईरान की जनता यही कहती आ रही है कि वे अपना लीडर खुद चुनेंगे. हम वोट देकर अपना नेता चुनना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि साल 2009 में एक बहुत बड़ा प्रोटेस्ट हुआ था. लाखों लोग सड़कों पर उतर आए थे और 'हमारा वोट कहां है?' के नारे लगा रहे थे. उसमें बहुत से लोग मारे गए थे. लोगों को एहसास हुआ कि यह वह इंसान नहीं है जिसे हमने वोट दिया था, बल्कि यह वह इंसान है जो अब ऑफिस में आया है. उन्होंने कहा कि खामेनेई के बेटे पर हमारी कोई टिप्पणी और कोई राय नहीं है.
जब ईरान छोड़ने का फैसला किया
एलनाज 2018 से भारत में काम कर रही हैं. जब उनसे पूछा गया कि उनके माता-पिता ने ईरान छोड़ने का फैसला कब किया, तो एलनाज ने कहा कि वह इस गड़बड़ी में पैदा हुई थीं. मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई पल आया जब मेरे माता-पिता को एहसास हुआ कि उन्हें वहां से जाने की ज़रूरत है. मेरे बचपन में उन्हें यह एहसास तब हुआ जब 1979 में क्रांति हुई. मैं इस पूरी गड़बड़ में पैदा हुई थी. कई दूसरे ईरानी भी इसी गड़बड़ में पैदा हुए थे. जहां तक मुझे याद है, मेरे माता-पिता ईरान छोड़ने की बात कर रहे थे क्योंकि वहां ज़िंदगी पहले से ही बहुत खराब हो रही थी.
ईरान में जिंदगी अच्छी नहीं है
एक्ट्रेस ने कहा कि बदकिस्मती से यह हमारी जिंदगी की बहुत दुख की बात है कि 5 मिलियन से ज़्यादा ईरानी लोग अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप समेत पूरी दुनिया में रहते हैं. क्योंकि, ईरान में उनकी जिंदगी अच्छी नहीं है. जब भी मैं यह देखती हूं, तो मेरा दिल दुखता है कि ईरान में लोगों को अपनी ज़िंदगी जीने का मौका नहीं मिला. यह बातचीत 47 सालों से चल रही है. एलनाज़ ने कहा कि मेरे बाद की पीढ़ी भी इसी तरह की जिंदगी जीने पर मजबूर है. बदकिस्मती से आप 90 मिलियन लोगों को उनका देश छोड़ने पर मजबूर नहीं कर सकते. इसलिए आपको देश वापस पाना होगा. ईरानी हमेशा से कोशिश कर रहे हैं.
साथी ईरानियों के लिए मैसेज
एलनाज़ ने साथी ईरानियों को अपने मैसेज में कहा कि मज़बूत रहो और अपने घरों में रहो. अच्छे दिनों की उम्मीद करो. सभी ईरानी जानते हैं कि इससे बेहतर कोई रास्ता नहीं है. विरोध हो रहा है और सरकार बेगुनाह लोगों को मारकर बदला ले रही है. आम लोग बिना नौकरी, बिना सिक्योरिटी के अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में लौट रहे हैं और उन्हें लोन लेकर अंडे खरीदने पड़ रहे हैं. एलनाज़ ने आगे कहा कि हम बस यही उम्मीद कर सकते हैं कि दुनिया समझे-हमें मदद चाहिए. हम खाली हाथ हैं. अभी बस यही दिक्कत है कि जंग की वजह से हर कोई इसकी परवाह कर रहा है.
डिस्क्लेमर
यह लेख सिर्फ मनोरंज के लिए, जो कि कई स्त्रोतों से ली गई जानकारी के आधार पर है. यह एक्ट्रेस द्वारा दिए गए इंटरव्यू पर आधारित है. इसमें किसी की छवि को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है. Indianews.in तथ्यों की पुष्टि नही करता है. पाठक विवेक से निर्णय लें.