गंदे सीन और अश्लील कंटेंट से भरी 7 फिल्में, हुई इंडिया में बैन! बाद में बनी कल्ट हिट
These 7 Bold Film, Banned Film In India: बॉलीवुड की फिल्में लव स्टोरी, एक्शन, गाने, डांस और रामांस तक सीमित नहीं हैं. कई फिल्म मेकर्स ने अपनी फिल्मों में समाज के उन पहलुओं को भी दिखाया हैं, जिन पर बात करना भी उस दौर में “वर्जित” माना जाता था जैसे की सेक्सुएलिटी, हिंसा, राजनीति और सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने वाली फिल्में. लेकिन ऐसी कई फिल्मों को CBFC (सेंसर बोर्ड) ने बैन कर दिया या भारी कट्स लगाने को कहा. कई फिल्में इसी वजह से इंडिया में बैन तक हो गई, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कई फिल्में ऐसी भी निकली जो, बैन होने के बाद भी कल्ट क्लासिक बन गई. आइए जानते हैं यहां 7 ऐसी फिल्मों के बारे में, तो हुई इंडिया में बैन, लेकिन बाद में हुई कल्ट हिट
फूलन देवी के जीवन पर आधारित फिल्म बैंडिट क्वीन
निर्देशक शेखर कपूर द्वारा बनाई गई फिल्म बैंडिट क्वीन फूलन देवी के जीवन पर आधारित थी. इस फिल्म में गरीबी, जातिगत उत्पीड़न और यौन शोषण जैसी समाज की कड़वी सच्चाइयों को बिना फिल्टर के साथ दिखाया गया है. लेकिन फिल्म बैंडिट क्वीन को कुछ बेहद क्रूर और ग्राफिक सीन की वजह से इंडिया में बैन कर दिया गया था. लेकिन सेंसरशिप और अदालती लड़ाई के बाद कुछ कट और 'A' सर्टिफिकेट के साथ फिल्म को रिलीज की अनुमति मिल गई थी. आज के समय में फिल्म बैंडिट क्वीन भारतीय सिनेमा की सबसे दमदार बायोपिक्स में से एक है.
लेस्बियन रिलेशनशिप पर बनी फिल्म फायर
फेमस डायरेक्टर दीपा मेहता की फिल्म ‘फायर’ भारत की पहली ऐसी मेनस्ट्रीम फिल्म थी, जिसमें लेस्बियन के रिलेशनशिप को खुलकर दिखाया गया था. शबाना आजमी और नंदिता दास इस फिल्म में नजर आए थे. रिलीज से पहले इस फिल्म को काफी विवादों का सामना करना पड़ा था. कई जगहों पर इसे बैन भी कर दिया गया था. लेकिन आज के समय में यह फिल्म ‘फायर’साहसी सिनेमा की मिसाल है.
ड्रग्स, हिंसा और गाली-गलौज से भरी थी फिल्म पांच
निर्देशक अनुराग कश्यप की फिल्म ‘पांच”, पुणे में हुए जोशी-अभ्यंकर मर्डर केस से प्रेरित थी। इस फिल्म में ड्रग्स, हिंसा और गाली-गलौज का काफी ज्यादा इस्तेमाल किया गया था, जिसकी वजह से सेंसर बोर्ड ने फिल्म को रिलीज की अनुमती नहीं दी, लेकिन बाद में फिल्म लीक हो गई थी और दर्शकों के बीच पहुंची गई थी और अब लोगों के बीच इसकी तगड़ी फैन फॉलोइंग है.
1993 के मुंबई बम धमाकों पर आधारित फिल्म ब्लैक फ्राइडे
1993 के मुंबई बम धमाकों पर बनी फिल्म ब्लैक फ्राइडे को भी सेंसरशिप का सामना करना पड़ा था. इस फिल्म को चल रहे कोर्ट केस की वजह से रिलीज नहीं होने दिया गया था. लेकिन बाद में जब यह फिल्म रिलीज हुई, तो हर जगह तहलका मचा दिया. क्रिटिक्स और दर्शकों ने फिल्म की जमकर तारीफ की थी.
बोल्ड और कामुक दृश्यों से भरी फिल्म कामसूत्र: ए टेल ऑफ लव
बोल्ड और कामुक दृश्यों से भरी फिल्म कामसूत्र: ए टेल ऑफ लव की रिलीज से पहले काफी आलोचना को झेलनी पड़ा था और इस फिल्म को इंडिया में बैन कर दिया गया था. लेकिन ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और भावनात्मक कहानी की वजह से यह धीरे-धीरे एक कल्ट फिल्म बन गई.
राजनीतिक सत्ता पर सवाल उठाने वाली फिल्म किस्सा कुर्सी का
इमरजेंसी के दौर में बनी यह राजनीतिक सटायर फिल्म किस्सा कुर्सी का सीधे-सीधे सत्ता पर सवाल उठाती थी. यही वजह थी की इस फिल्म को रिलीज से मना कर दिया गया था और इंडिया में बैन तक कर दिया था. इतना ही नहीं इस फिल्म के प्रिंट तक नष्ट कर दिए गए. लेकिन आज यह फिल्म भारतीय राजनीतिक सिनेमा की सबसे साहसी फिल्मों में से एक है.
लेस्बियन रिलेशनशिप और धार्मिक उग्रवाद पर बनी फिल्म अनफ्रीडम
राज अमित कुमार की फिल्म अनफ्रीडम में दो समानांतर कहानियाँ दिखाई गईं थी एक लेस्बियन रिलेशनशिप और दूसरी धार्मिक उग्रवाद की. लेकिन फिल्म को नग्नता और विवादित विषयों की वजह से भारत में बैन कर दिया गया, लेकिन इंटरनेशनल लेवल पर इस फिल्म को काफी ज्यादा सहारा गया था.