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चमत्कार या आस्था? जब सूर्य की किरणें खुद करती हैं माता का तिलक, जानिए इस रहस्यमयी मंदिर का राज

Karveer Shaktipeeth: महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित करवीर महालक्ष्मी शक्तिपीठ एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां मां महालक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है. इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि साल में दो बार सूर्य की किरणें सीधे गर्भगृह में पहुंचकर देवी के मस्तक, वक्षस्थल और चरणों पर पड़ती हैं, जिसे सूर्यदेव द्वारा माता का तिलक करने के रूप में देखा जाता है.यह मंदिर पांच नदियों के संगम पर स्थित है और इसे सिद्ध शक्तिपीठ माना जाता है, क्योंकि मान्यता के अनुसार यहां देवी सती का एक अंग गिरा था.

Last Updated: March 24, 2026 | 3:15 PM IST
Significance of Karveer Mahalaxmi Shaktipeeth - Photo Gallery
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करवीर महालक्ष्मी शक्तिपीठ का विशेष महत्व

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित करवीर महालक्ष्मी शक्तिपीठ देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है. यहां मां महालक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और इसे भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र तीर्थ माना जाता है. मान्यता है कि यहां आने से धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है.

When Sun God Applies Tilak to the Goddess - Photo Gallery
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सूर्यदेव करते हैं माता का तिलक

इस मंदिर की सबसे अनोखी बात यह है कि साल में दो बार सूर्य की किरणें सीधे गर्भगृह में पहुंचती हैं और देवी के मुख पर पड़ती हैं. यह दृश्य ऐसा प्रतीत होता है जैसे स्वयं सूर्यदेव मां का तिलक कर रहे हों. यह दुर्लभ घटना श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र बन चुकी है.

Sacred Temple at the Confluence of Five Rivers - Photo Gallery
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पांच नदियों के संगम पर बसा पवित्र स्थल

यह प्राचीन मंदिर पांच नदियों के संगम क्षेत्र में स्थित है, जिससे इसकी धार्मिक महत्ता और भी बढ़ जाती है. प्राकृतिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का यह संगम इस स्थान को और भी दिव्य बनाता है.

Ancient and Powerful Shaktipeeth Identity - Photo Gallery
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प्राचीन और सिद्ध शक्तिपीठ की पहचान

महालक्ष्मी मंदिर को एक सिद्ध शक्तिपीठ माना जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, यहां देवी सती का एक अंग गिरा था, जिसके कारण यह स्थान अत्यंत पवित्र हो गया. आज भी लाखों श्रद्धालु यहां आकर माता के दर्शन करते हैं.

Goddess Worshipped as Ambabai - Photo Gallery
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अंबाबाई के रूप में होती है पूजा

यहां देवी महालक्ष्मी को अंबाबाई या महाअंबा के नाम से भी जाना जाता है. भक्त मां को अलग-अलग नामों से पुकारते हैं, लेकिन उनकी आस्था एक ही शक्ति में जुड़ी रहती है.

Symbolism of Goddess Mahalaxmis Four Hands - Photo Gallery
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देवी के चार हाथों का विशेष अर्थ

मां महालक्ष्मी की प्रतिमा चार भुजाओं वाली है और हर हाथ का एक विशेष प्रतीकात्मक महत्व है. एक हाथ में मातुलिंग फल सृष्टि का संकेत देता है, दूसरे में गदा शक्ति का प्रतीक है, तीसरे में ढाल सुरक्षा का संकेत देती है और चौथे हाथ में पात्र समृद्धि और कृपा का प्रतीक माना जाता है.

Three-Day Rare Sun Tilak Phenomenon - Photo Gallery
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तीन दिनों तक चलता है सूर्य तिलक का अद्भुत दृश्य

साल में दो बार, लगातार तीन दिनों तक सूर्य की किरणें मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करती हैं. पहले ये किरणें माता के मस्तक पर, फिर वक्षस्थल पर और अंत में चरणों पर पड़ती हैं. यह दृश्य ऐसा लगता है मानो सूर्यदेव स्वयं देवी को नमन कर रहे हों और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हों.

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