यहां जानें नींद के रंगों का अनोखा रहस्य, क्या सफेद और गुलाबी आवाज़ें सही में देती है सुकून भरी नींद?
What is White and Pink Noise: आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी और गैजेट्स के बढ़ते इस्तेमाल के नींद नहीं आने की समस्या बेहद ही आम हो ई है. अब ऐसे में ‘कलरफुल स्लीप साउंड्स’ जैसे व्हाइट नॉइज़ (White Noise) और पिंक नॉइज़ (Pink Noise) एक ट्रेंड बन चुके है. तो वहीं, दूसरी तरफ पल्मोनोलॉजिस्ट (फेफड़ों और नींद के विशेषज्ञ) अब इस बात का वैज्ञानिक विश्लेषण कर रहे हैं कि क्या ये आवाज़ें वाकई हमारे दिमाग को शांत करती हैं या यह केवल एक मनोवैज्ञानिक प्रभाव है. आइए जानते हैं इसके पीछे की हैरान करने वाली वजह.
क्या होती है सफेद आवाज़?
सफेद आवाज़ सभी आवृत्तियों (Frequencies) का मिश्रण है जो अचानक होने वाले शोर, जैसे कुत्तों का भौंकना या फिर गाड़ियों के हॉर्न को दबाने में सबसे ज्यादा मदद करता है.
क्या होती है गुलाबी आवाज़?
तो वहीं, गुलाबी आवाज़ में निचली आवृत्तियां ज्यादा होती हैं, जो प्रकृति की आवाज़ों जैसे बारिश या समुद्र की लहरों जैसा अहसास कराने का काम करती है.
क्या कहते हैं पल्मोनोलॉजिस्ट और स्लीप एक्सपर्ट्स?
पल्मोनोलॉजिस्ट और स्लीप एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये आवाज़ें हमारे दिमाग को एक स्थिर पैटर्न प्रदान करती हैं जिससे वह बाहरी शोर के प्रति कम संवेदनशील हो जाता है.
पिंक नॉइज़ का मस्तिष्क में क्या है काम?
तो वहीं, कुछ शोध दर्शाते हैं कि पिंक नॉइज़ मस्तिष्क की तरंगों को स्थिर कर 'डीप स्लीप' (गहरी नींद) की अवधि को बढ़ाने में सबसे ज्यादा मददगार साबित होती है.
नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए है सही
दरअसल, यह तकनीक उन लोगों के लिए खास रूप से प्रभावी है जो अनिद्रा (Insomnia) की समस्या से जूझ रहे हैं या जिन्हें बहुत हल्की आवाज़ से जागने की आदत होती है.
आवाज़ों को सुनने के लिए वॉल्यूम हो कम
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इन आवाज़ों को सुनने के लिए वॉल्यूम हमेशा कम रखना चाहिए ताकि कान की सुनने की क्षमता पर किसी भी तरह से बुरा असर न पड़े.
प्राकृतिक नींद के चक्र पर देना चाहिए ध्यान
नींद के लिए इन ध्वनियों का इस्तेमाल एक सुरक्षित और गैर-दवा विकल्प है, लेकिन लंबे समय तक निर्भरता के बजाय प्राकृतिक नींद के चक्र पर ध्यान देना बेहद ही ज़रूरी हो जाता है.