क्या आपका पीरियड फ्लो पहले से कम हो गया है? जानिए इसके पीछे छिपे कारण और जरूरी सावधानियां
Why Is My Period So Light: पीरियड का फ्लो हर महिला में अलग-अलग हो सकता है. आमतौर पर पीरियड के दौरान 2 से 3 चम्मच तक खून निकलना सामान्य माना जाता है. लेकिन अगर आपका पीरियड पहले से काफी हल्का हो गया है, रंग गुलाबी, हल्का लाल या भूरे रंग का दिख रहा है, या सिर्फ स्पॉटिंग जैसी स्थिति है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. कभी-कभी यह सामान्य बदलाव होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है.हल्का पीरियड हमेशा खतरनाक नहीं होता, लेकिन शरीर के संकेतों को समझना और जरूरत पड़ने पर सही जांच कराना जरूरी है.
हल्के पीरियड के कारण
अगर आपका पीरियड पहले से हल्का हो गया है, कम दिनों तक चल रहा है या सिर्फ स्पॉटिंग जैसा दिख रहा है, तो घबराने से पहले कारण समझना जरूरी है. हर महिला का मासिक चक्र अलग होता है, लेकिन अचानक बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
गर्भावस्था
अगर आप यौन रूप से सक्रिय हैं और पीरियड हल्का आया है, तो सबसे पहले प्रेग्नेंसी की संभावना को चेक करें. शुरुआती गर्भावस्था में हल्की ब्लीडिंग हो सकती है, जिसे कई महिलाएं सामान्य पीरियड समझ लेती हैं. इसे इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग कहा जाता है. इसका रंग हल्का गुलाबी, भूरा या हल्का लाल हो सकता है और हल्के दर्द के साथ भी आ सकती है. ऐसी स्थिति में प्रेग्नेंसी टेस्ट जरूर करें.
स्तनपान
जो महिलाएं बच्चे को दूध पिला रही हैं, उनमें प्रोलैक्टिन नाम का हार्मोन बढ़ जाता है. यह हार्मोन दूध बनने में मदद करता है, लेकिन मासिक धर्म को भी प्रभावित करता है. इसलिए स्तनपान के दौरान पीरियड हल्का, अनियमित या कुछ समय के लिए बंद भी हो सकता है. यह आमतौर पर सामान्य स्थिति है.
वजन में अचानक बदलाव
बहुत ज्यादा वजन कम या ज्यादा होने से शरीर के हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं. अगर शरीर में फैट बहुत कम हो जाए, तो ओव्यूलेशन रुक सकता है. इससे पीरियड हल्का हो सकता है या बंद भी हो सकता है. बहुत ज्यादा एक्सरसाइज या सख्त डाइटिंग भी यही असर डाल सकती है.
तनाव
मानसिक तनाव का सीधा असर हार्मोन पर पड़ता है. नौकरी का दबाव, परिवार की चिंता, भावनात्मक आघात या ज्यादा टेंशन के कारण पीरियड हल्का, देरी से या अनियमित हो सकता है. लंबे समय तक तनाव बना रहे तो मासिक चक्र पूरी तरह गड़बड़ा सकता है.
गर्भनिरोधक गोलियां या हार्मोनल बर्थ कंट्रोल
अगर आप बर्थ कंट्रोल पिल्स ले रही हैं या हार्मोनल आईयूडी का इस्तेमाल कर रही हैं, तो पीरियड हल्का होना सामान्य है. ये तरीके गर्भाशय की परत को पतला कर देते हैं, जिससे ब्लीडिंग कम होती है. कई महिलाओं में पीरियड छोटा और कम दर्द वाला भी हो जाता है.
हार्मोनल बदलाव और उम्र का असर
किशोरावस्था में पीरियड शुरू होने के शुरुआती सालों में फ्लो कभी ज्यादा तो कभी कम हो सकता है. डिलीवरी के बाद भी पीरियड पहले जैसा नहीं रहता. बढ़ती उम्र और मेनोपॉज के पास पहुंचने पर भी पीरियड हल्का हो सकता है. हालांकि मेनोपॉज के बाद किसी भी तरह की ब्लीडिंग सामान्य नहीं होती.
थायरॉइड या पीसीओएस जैसी बीमारियां
थायरॉइड की गड़बड़ी, पीसीओएस, हार्मोन असंतुलन या गर्भाशय में पॉलिप और फाइब्रॉइड जैसी स्थितियां भी पीरियड को हल्का बना सकती हैं. इन मामलों में पीरियड के साथ अन्य लक्षण भी दिख सकते हैं.
दवाइयों का असर
कुछ दवाएं जैसे दर्द कम करने वाली दवाएं, थायरॉइड की दवाएं या हार्मोन थेरेपी पीरियड फ्लो को प्रभावित कर सकती हैं. अगर आपने हाल ही में कोई नई दवा शुरू की है और उसके बाद पीरियड हल्का हुआ है, तो डॉक्टर से सलाह लें.
कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?
अगर आपका पीरियड लगातार कई महीनों से हल्का आ रहा है, पहले ऐसा नहीं होता था, या इसके साथ तेज पेट दर्द, बुखार, बदबूदार डिस्चार्ज या अचानक वजन कम होना जैसे लक्षण हैं, तो तुरंत जांच कराएं.