मधुबाला की दुखद प्रेम कहानी: ड्रीम गर्ल से दर्द भरी जिंदगी तक, दिलीप कुमार से प्यार, किशोर कुमार से शादी, अधूरा सफर
Madhubala Love Story: हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत और प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में शुमार मधुबाला का जीवन जितना चमकदार पर्दे पर दिखा, उतना ही दर्द से भरा निजी जिंदगी में रहा. वीनस ऑफ इंडियन सिनेमा” कही जाने वाली मधुबाला ने कम उम्र में स्टारडम हासिल किया, लेकिन उनका प्रेम जीवन-लव लाइफ अधूरा रह गया और जीवन के इस पड़ाव में वो अकेले पड़ गई. बीमारी ने उन्हें बहुत जल्दी छीन लिया.
मधुबाला का असली नाम
मधुबाला का जन्म 14 फरवरी, 1933 को दिल्ली के एक पश्तून मुस्लिम परिवार में हुआ था. उनका असली नाम मुमताज जहां बेगम देहलवी था. घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, ऐसे में बचपन में ही मधुबाला को परिवार की जिम्मेदारी उठानी पड़ी.
9 साल में करियर की शुरुआत
सिर्फ 9 साल की उम्र में ही मधुबाला ने फिल्मों में काम करना शुरु कर दिया ताकि घर का खर्च निकाला जा सके.
मुमताज से बदलकर मधुबाला
1942 में आई उनकी फिल्म 'बसंत' से उनको काफी पॉपुलैरिटी मिली. इसी फिल्म के बाद उनका नाम मुमताज से बदलकर मधुबाला रख दिया गया था.
मधुबाला के करियर का सुनहरा दौर
1950 का दशक मधुबाला के करियर का सुनहरा दौर माना जाता है. 'महल', 'तराना', 'हावड़ा ब्रिज', 'चलती का नाम गाड़ी',' और 'हाफ टिकट' जैसी फिल्मों ने उन्हें स्टार बना दिया.
दिलीप कुमार के साथ एक दुखद प्रेम कहानी
दिलीप कुमार के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री बेहतरीन रही, लेकिन उनकी असल जिंदगी की प्रेम कहानी का सुखद अंत नहीं हुआ, यानी काफी संघर्ष पूर्ण और दुखद रहा. गहरा प्यार में होने के बावजूद, पारिवारिक दबाव और फिल्म 'नया दौर' से जुड़े एक कड़वे कानूनी विवाद के कारण उनका रिश्ता टूट गया. मधुबाला के सख्त पिता को उनका रिश्ता मंजूर नहीं था, और अंततः उनके बीच की दरार इतनी गहरी हो गई कि उसे भरना संभव नहीं था.
प्रेमनाथ और मधुबाला की लव स्टोरी
कहते हैं कि मधुबाला दिलीप कुमार से प्यार करती थीं, लेकिन उनसे पहले एक और एक्टर था जिन्हें वो पहले ही प्रपोज कर चुकी थीं. प्रेमनाथ और मधुबाला की लव स्टोरी बहुत कम लोगों को ही पता है. 1949 में आई फिल्म 'बादल' की शूटिंग के दौरान मधुबाला और प्रेमनाथ पास आए थे. और शूटिंग के पहले ही दिन मधुबाला ने प्रेमनाथ को फूल और एक लव लेटर दिया.
हृदय रोग और उनका करियर खत्म
मधुबाला को अपनी शुरुआती करीब 20 साल की उम्र के दौरान जन्मजात हृदय रोग (वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट) का पता चला. उस समय चिकित्सा उपचार सीमित थे. वह अक्सर शूटिंग के दौरान बेहोश हो जाती थी, खून की खांसी आती थी और असहनीय दर्द में अपना काम करती थीं. डॉक्टरों ने उन्हें जीने के लिए सिर्फ कुछ साल बताए थे, लेकिन उन्होंने लगभग एक दशक तक इस बीमारी से लड़ती रही.
शादी के बाद एकांत का जीवन
मधुबाला की 1960 में किशोर कुमार से शादी हुई, लेकिन खराब होते स्वास्थ्य के कारण उनका जीवन अकेले और एकांत में बीतने लगा. रिपोर्ट के मुताबिक, किशोर कुमार ने उनकी देखभाल के लिए उन्हें एक अलग घर में स्थानांतरित कर दिया था. हालांकि वे आर्थिक रूप से उनकी देखभाल करते थे. मधुबाला ने अपने अंतिम वर्षों का अधिकांश समय एक कमरे और एक बिस्तर पर ही बिताया और उस फिल्म जगत से दूर हो गईं जिस पर कभी उनका राज था.