Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर इन चीजों से रहें दूर, वरना आपके घर और रिश्तों में आएंगी अनचाही परेशानियां
Mahashivratri 2026: 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि है, जो धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन भक्त भगवान शिव की कृपा पाने के लिए पूजा-पाठ, व्रत और साधना करते हैं. लेकिन कुछ ऐसे काम हैं, जिन्हें करने से बचना चाहिए, वरना यह आपके घर और रिश्तों में परेशानियां ला सकते हैं.
केवल बाहरी रीति-रिवाजों पर ध्यान देना
कई लोग महाशिवरात्रि पर सिर्फ पूजा-पाठ और बाहरी रीति-रिवाजों पर ध्यान देते हैं. परंतु महाशिवरात्रि का असली महत्व आंतरिक ध्यान और आत्मसंयम में है. इसलिए व्रत और पूजा करते समय मन, वाणी और कर्म की शुद्धता बनाए रखना बहुत जरूरी है.
नकारात्मक भावनाओं के साथ साधना
महाशिवरात्रि पर शिव साधना में ईर्ष्या, क्रोध, अहंकार या लालच जैसी भावनाओं का होना सही नहीं है. इस दिन व्रत का मतलब केवल भूखा रहना नहीं है, बल्कि मन, वाणी और कर्म की शुद्धि भी है.झूठ बोलने, गाली-गलौज करने और नकारात्मक सोच से दूर रहें.
रात्रि जागरण का सही अर्थ
महाशिवरात्रि की रात जागने की सलाह दी जाती है. परंतु वास्तविक जागरण का अर्थ है 'अंतर्मन का जागरण'. ध्यान, जप और आत्मचिंतन के बिना केवल देर तक जागना गलत है. इसे उत्सव जैसा बनाना लाभकारी नहीं है.
केवल इच्छाओं की पूर्ति के लिए पूजा
भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है. कुछ लोग केवल अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए पूजा करते हैं. महाशिवरात्रि का अवसर 'चेतना और जागरूकता बढ़ाने' का है. इसे केवल भोग या इच्छाओं तक सीमित न रखें.
शिवलिंग पर जल चढ़ाने में गलतियां
शिवलिंग पर तेज धार से या ऊपर से जल अर्पित करना वर्जित है.धीरे-धीरे जल या दूध चढ़ाएं और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना.
शिवलिंग पर अशुभ सामग्री अर्पित करना
हमें कुछ चीजें शिवलिंग पर अर्पित नहीं करनी चाहिए जैसे हल्दी, तुलसी के पत्ते, केतकी और चंपा के फूल,सिंदूर आदि. इस दिन गलती से भी मांस और मदिरा का सेवन ना करें.