विक्रम भट्ट और पत्नी को बड़ा झटका: ₹30 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में जमानत याचिका खारिज, रहेंगे जेल में
जमानत क्यों नहीं मिली ?
कोर्ट में सरकारी वकील ने दलील दी कि अगर विक्रम और उनकी पत्नी को छोड़ा गया, तो वे गवाहों को डरा सकते है या सबूत मिटा सकते है. इसी वजह से जोधपुर हाई कोर्ट ने उन्हें जेल में ही रखने का फैसला सुनाया.
किसने की शिकायत?
यह मामला उदयपुर के मशहूर 'इन्दिरा आईवीएफ' के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने दर्ज कराया है. उन्होंने भट्ट दंपति पर करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप लगाया है.
क्या था वादा?
शिकायत के अनुसार, विक्रम भट्ट ने डॉ. मुर्डिया की दिवंगत पत्नी की जिंदगी पर फिल्म (Biopic) बनाने का वादा किया था. इसके लिए करीब ₹42 से ₹47 करोड़ का एग्रीमेंट हुआ था.
धोखाधड़ी का आरोप
डॉ. मुर्डिया का कहना है कि फिल्म बनाने के बहाने विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने फर्जी बिल दिखाए और करीब ₹30 करोड़ रुपये धोखे से निकाल लिए. आरोप है कि यह पैसा उन्होंने अपने पर्सनल बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर कर लिया.
पुलिस एक्शन
दिसंबर 2025 में राजस्थान पुलिस ने मुंबई जाकर दोनों को गिरफ्तार किया था. तब से वे सलाखों के पीछे है.
विक्रम भट्ट का बचाव
विक्रम भट्ट के वकीलों का कहना है कि यह कोई क्राइम नहीं है, बल्कि बिजनेस का आपसी विवाद है. उन्होंने दावा किया कि सारा पैसा बिजनेस के काम में ही लगा है. हालांकि, कोर्ट ने इस बात को सही नहीं माना.
अदालत का क्या कहना है?
हाई कोर्ट ने साफ कहा कि यह सिर्फ बिजनेस का छोटा-मोटा झगड़ा नहीं दिख रहा, बल्कि इसमें साफ तौर पर पैसों का गलत इस्तेमाल और बेईमानी नजर आ रही है. इसलिए पुलिस को पूरी जांच करने की जरूरत है.
पैसे का निजी इस्तेमाल
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि डॉ. मुर्डिया से फिल्म बनाने के नाम पर लिए गए करोड़ों रुपयों का इस्तेमाल विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने अपने पुराने कर्ज (Personal Debts) चुकाने और निजी ऐश-ओ-आराम के लिए किया. कोर्ट ने भी इस बात को नोट किया कि जो पैसा फिल्म के प्रोडक्शन में लगना चाहिए था, उसका कोई ठोस हिसाब नहीं मिला और वह पैसा निजी खातों में ट्रांसफर किया गया था.