Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति में दही-चूड़ा खाने का रहस्य? स्वाद ही नहीं सेहत को भी मिलते हैं ये 6 फायदे
Makar Sankranti 2026: 14 जनवरी को पूरे देश में मकर संक्रांति का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है. इस मौके पर घरों में खिचड़ी बनाई जाती है. इस दिन गुड़ की गजक, तिल की गजक, मूंगफली आदि खाई जाती हैं. बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में इस दिन दही-चूड़ा खाने का रिवाज भी है. दही-चूड़ा खाने में काफी स्वादिष्ट होते हैं. साथ ही ये काफी हेल्दी भी होते हैं. इसमें फाइबर, आयरन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व होते हैं.
पाचन के लिए फायदेमंद
चूड़ा पाचन के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं क्योंकि ये आसानी से पच जाते हैं. दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं, जो अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. इससे पाचन तंत्र बेहतर होती है. कब्ज और गैस जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी मददगार होते हैं.
एनर्जी बढ़ाता है दही-चूड़ा
दही-चूड़ा में कैलोरी कम होती है लेकिन ये हाई एनर्जी वाला नाश्ता है. इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है. ये शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है. इससे आप अपने दिन की शुरुआत एनर्जेटिक तरीके से कर सकते हैं.
हड्डियों के लिए फायदेमंद
चूड़ा दही हड्डियों और मांसपेशियों के लिए भी फायदेमंद होता है. दही में अच्छी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत करने में मददगार होता है. इसमें प्रोटीन पाया जाता है, जो मांसपेशियों की मरम्मत और निर्माण के लिए एक अच्छा ऑप्शन है.
हृदय के लिए बेहतरीन ऑप्शन
दही का नियमित सेवन करने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कककम होता है. इससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है और हृदय स्वस्थ रहता है.
रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है मजबूत
दही में प्रोबायोटिक्स पाई जाती है, जो रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मददगार होता है. इससे शरीर संक्रमणों से लड़ने में सहायक होता है.
वजन को कंट्रोल करने में असरदार
दही-चूड़ा का सेवन करने से पेट लंबे समय तक बरा हुआ महसूस करता है. इससे देर तक भूख नहीं लगती और थोड़ी-थोड़ी देर में ज्यादा खाने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे वजन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है.