मंगल-राहु का अद्भूत संयोग! क्या है इस दुर्लभ गृह युति का संकेत, किन राशियों पर पड़ेगा असर, क्यों मान रहे हैं ज्योतिष इसे शक्तिशाली?
क्या होता है अंगारक योग?
जब मंगल और राहु एक ही राशि में होते हैं, तो ज्योतिषी इसे अंगारक योग कहते हैं. इसे पारंपरिक रूप से अस्थिर ऊर्जा के रूप में देखा जाता है. अगर इसे ठीक से इस्तेमाल न किया जाए तो यह आवेगी, उग्र और परेशान करने वाला होता है. यह खास मेल 39 दिनों तक चलेगा, जो 2 अप्रैल को खत्म होगा, जब मंगल कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में चला जाएगा, जिससे यह योग खत्म हो जाएगा. हालांकि, हर किसी को यह एक जैसा महसूस नहीं होता. ज्योतिष के अनुसार, इस दौरान तीन राशियों में ज़्यादा उथल-पुथल हो सकती है.
मेष राशि पर अंगारक योग का असर
मेष राशि वालों के लिए, यह बदलाव अचानक लग सकता है. 22 फरवरी तक का समय काफी आसान माना जाता है, लेकिन मंगल के कुंभ राशि में आने के बाद ऊर्जा बदल जाती है. करियर का दबाव बढ़ सकता है. काम की जगह पर झगड़े या रुकी हुई तरक्की सब्र का इम्तिहान ले सकती है. फाइनेंशियल प्लानिंग में ज़्यादा सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है, क्योंकि अचानक खर्च या अस्थिरता सामने आ सकती है. सेहत के लिहाज़ से, अगर रूटीन देखभाल को नजरअंदाज किया गया तो स्ट्रेस से जुड़ी थकान या मामूली सूजन की समस्याएँ हो सकती हैं.
मकर राशि पर अंगारक योग का असर
मकर राशि के लोगों को मैटेरियल और प्रोफेशनल सेक्टर में इस योग का एहसास हो सकता है. ज्योतिष के हिसाब से अगर रिस्क का ध्यान से अंदाज़ा नहीं लगाया गया तो फाइनेंशियल तनाव या इन्वेस्टमेंट में गलत कैलकुलेशन हो सकता है. करियर की रफ़्तार धीमी हो सकती है, या वर्कप्लेस पॉलिटिक्स बढ़ सकती है. शादीशुदा ज़िंदगी सहित पर्सनल पार्टनरशिप में भी तनाव हो सकता है, जो ज़्यादातर स्ट्रेस के फैलने से होगा. सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है, खासकर एनर्जी में अचानक कमी आने पर.
मीन राशि पर अंगारक योग का असर
मीन राशि वालों के लिए, उथल-पुथल बाहरी होने से पहले अंदरूनी ज़्यादा महसूस हो सकती है. करियर की दिशा या वर्कप्लेस की स्थिरता को लेकर कन्फ्यूजन हो सकता है. बहुत ज़्यादा पढ़ने पर, नौकरी की असुरक्षा या बिज़नेस में रुकावटें आने की संभावना है. यहां भरोसा एक मुख्य विषय बन जाता है. ज्योतिषी फाइनेंशियल लेन-देन या पार्टनरशिप में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं, क्योंकि गलत भरोसा मुश्किलें पैदा कर सकता है. अगर सीमाएं न रखी जाएं, तो इमोशनल तौर पर बहुत ज़्यादा हावी होना भी सामने आ सकता है.
अंगारक योग से क्या होता हैं?
अंगारक योग तब बनता है जब मंगल, जो गुस्से, ड्राइव और झगड़े से जुड़ा ग्रह है, राहु के साथ अलाइन होता है, जो भ्रम, अनिश्चितता और अचानक उथल-पुथल से जुड़ा छाया ग्रह है. माना जाता है कि यह मेल बेचैनी बढ़ाता है, बिना सोचे-समझे फैसले लेने पर मजबूर करता है और करियर, फाइनेंस और हेल्थ में स्थिरता को बिगाड़ता है. कुंभ राशि में यह मेल होने से, प्रोफेशनल नेटवर्क, लंबे समय के लक्ष्य और सोशल पोजीशन से जुड़े विषय अलग-अलग चार्ट के आधार पर दबाव में आ सकते हैं.
अंगारक योग के दौरान सुझाए गए उपाय
पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों में मंगल-राहु एनर्जी को बैलेंस करने के लिए कुछ आध्यात्मिक उपाय बताए गए हैं:
रोज हनुमान चालीसा पढ़ना
सुंदरकांड पढ़ना या सुनना
मंगलवार का व्रत रखना
तांबे या लाल रंग की चीजें दान करना
लाल गाय को गुड़ खिलाना
माना जाता है कि ये उपाय मंगल को शांत करते हैं और राहु के बुरे असर को कम करते हैं.
डिस्क्लेमर
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