‘पाकीजा’ से लेकर ‘बैजू बावरा’ तक, इन फिल्मों में दिखा मीना कुमारी का असली जादू; हर किरदार बना यादगार
Baiju Bawra: बॉलीवुड की ‘ट्रेजडी क्वीन’ से मशहूर अभिनेत्री मीना कुमारी ने अपने करियर में जबरदस्त फिल्मों में काम किया था. कुछ ऐसी फिल्में हैं, जिसमें उन्होंने जबरदस्त किरदार निभाए, जो आज भी दर्शकों को याद हैं. जानें उन फिल्मों के नाम.
साहिब बीबी और गुलाम
फिल्म 'साहिब बीबी और गुलाम' में मीना कुमारी की एक्टिंग की खूब तारीफ हुई थी. इस फिल्म की कहानी में एक अमीर आदमी अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए कोठे पर जाता है. इस कारण, उसकी पत्नी मानसिक रूप से परेशान होती है और धीरे-धीरे अपने पड़ोसी भूतनाथ के करीब हो जाती है.
सहारा
साल 1958 में फिल्म 'सहारा' रिलीज हुई थी. फिल्म की कहानी की बात करें, तो इसमें एक अनाथ लड़की की किस्मत तब बदल जाती है जब उसकी शादी एक अमीर आदमी से हो जाती है, लेकिन जल्द ही उसे घर से निकाल दिया जाता है. इसके बाद की कहानी काफी रोचक है.
फूल और पत्थर
इस फिल्म मीना कुमारी ने शांति देवी के रूप में जबरदस्त भूमिका निभाई है. फिल्म कही कहानी की बात करें, शांति जब विधवा हो जाती है, तो उसके ससुराल वाले उसे मरने के लिए छोड़ देते हैं. लेकिन चोर शाका की दया से वह बच जाती है और उनके बीच अनोखा रिश्ता बन जाता है. फिर चोर सुधरने की कोशिश करता है, लेकिन तभी फिल्म में अहम मोड़ आता है.
पाकीजा
इस फिल्म में मीना कुमारी ने पाकीजा की भूमिका निभाई थी. फिल्म की कहानी ने लोगों का दिल जीतने का काम किया था.
मेरे अपने
मीना कुमारी और विनोद खन्ना अभिनीत इस फिल्म में एक्ट्रेस ने आनंदी देवी की भूमिका निभाई थी. यह फिल्म साल 1971 में रिलीज हुई थी.
मझली दीदी
फिल्म 'मझली दीदी' में मीना कुमारी ने हेमा की भूमिका निभाई थी.
काजल
फिल्म 'काजल' में मीना कुमारी माधवी के किरदार में नजर आई थीं. इस फिल्म में धर्मेंद्र और राजकुमार जैसे कलाकार भी मौजूद थे.
बैजू बावरा
साल 1952 में रिलीज हुई फिल्म 'बैजू बावरा' एक सुरीली दास्तान है, जो संगीत, प्रेम और बदले की कहानी पर आधारित है. विजय भट्ट द्वारा निर्देशित यह फिल्म 16वीं सदी के महान लोक गायक बैजू (बैजनाथ) के जीवन से प्रेरित है. फिल्म में मीना कुमारी ने गौरी का किरदार निभाया है.