Meta Ray-Ban स्मार्ट ग्लासेज यूजर्स को दे रहे धोखा! आपके प्राइवेट पलों पर नजर रख रहे एआई ट्रेनर
Meta Ray Ban Smart Glasses Privacy Risk: मेटा ने Ray-Ban स्मार्ट ग्लास को भारत में भी लॉन्च कर दिया है. ये ग्लासेज पूरी दुनिया में काफी फेमस हैं. हालांकि इसकी रिपोर्ट्स को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इस रिपोर्ट के आने के बाद लोगों में प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. वहीं यूजर्स में चिंता बनी हुई है. जानकारी के अनुसार, मेटा Rayban स्मार्ट ग्लासेज से जो वीडियोज रिकॉर्ड हुई हैं, वो क्लिप्स वहां के एम्प्लॉई देखते हैं.
स्वीडन की रिपोर्ट से हुआ खुलासा
दरअसल 27 फरवरी को स्वीडन के एक अखबार swenska Dagbladet की इंवेस्टिगेशन में एक रिपोर्ट शेयर की गई, जिसमें मेटा रेबेन पार्टनरशिप और उसके एआई ग्लासेज के बारे में बताया गया था. इसमें ये भी सामने आया कि इन ग्लासेज़ से रिकॉर्ड हुई फुटेज प्राइवेट नहीं रहतीं. ये कई लोगों तक पहुंचती हैं, जिनमें एआई ट्रेनर भी होते हैं, जो इंसान हैं.
ह्यूमन मॉडरेटर देख रहे प्राइवेट पल
रिपोर्ट में बताया गया कि एआई ट्रेनर Meta Ray Ban Smart Glasses यूजर्स की सबसे निजी और संवेदनशील स्थितियों पर भी नजर रखते हैं. रिपोर्ट्स में जिक्र किया गया है कि इन वीडियोज में कपड़े बदलते हुए या अपने पार्टनर्स के साथ प्राइवेट मोमेंट्स भी रिकॉर्ड हुए हैं. इन मोमेंट्स को ह्यूमन मॉडरेटर देख रहे हैं.
रिकॉर्ड हो रहे मोमेंट
कुछ कर्मचारियों ने रिपोर्ट में बताया कि उसने देखा कि एक यूजर ने अपने ग्लास को उतारकर रख दिया. इसके बाद वो बाहर चला गया. कुछ देर बाद एक महिला कमरे में आई और वो कपड़े बदलने लगी. इस तरह के कई वीडियोज स्मार्ट ग्लासेज में रिकॉर्ड हुए हैं.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
एक्सपर्ट्स की मानें, तो बहुत से लोगों का कहना है कि जब कोई चीज रिकॉर्ड हो रही होती है, तो वहां पर सफेद या नीली लाइट जलती है. हालांकि कई बार इन्हें छिपाया जा सकता है. उनका मानना है कि एआई को बेहतर बनाने के लिए फोटो, वीडियो और वॉइस कमांड का इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए कॉन्ट्रैक्टर पर्सनल, करीबी या प्राइवेट बातचीत को रिव्यू कर सकते हैं.
फेशियल रिकग्निशन
रिपोर्ट्स की मानें, तो मेटा इन चश्मों के लिए फेशियल रिकग्निशन डेवलप कर रहा है. इससे यूजर्स रियल-टाइम में अजनबियों की पहचान कर सकते हैं, जिससे स्टॉकिंग और प्रोफाइलिंग का गंभीर रिस्क हो सकता है.
कैसे करें बचाव?
एक्सपर्ट्स की मानें, तो इस खतरे से बचने के लिए सावधान रहना जरूरी है. कुछ फीचर्स डिफॉल्ट रूप से ऑन रहते हैं. इसके कारण भी प्राइवेसी रिस्क बना रहता है. इससे बचने के लिए यूजर्स को डेटा शेयरिंग को पहले से मैनेज और बंद करना पड़ता है.
कवर्ड जगह पर रखें डिवाइस
इसके अलावा इस तरह के डिवाइस को खुले में नहीं रखना चाहिए. इसे इस्तेमाल करने के बाद इन्हें बंद कवर्ड जगह पर रखना चाहिए. इससे आपके प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड होने से बच सकते हैं.