Minor PAN Card: आज नहीं बनवाया बच्चे का पैन कार्ड, तो कल अटक सकते हैं सारे जरूरी काम, यहां पढ़ें पूरा प्रोसेस
Minor PAN Card: माता-पिता के तौर पर हम बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए पाई-पाई जोड़ते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक छोटा सा दस्तावेज आपकी इन कोशिशों को आसान बना सकता है? अक्सर हम पैन कार्ड को सिर्फ बड़ों के लिए मानते हैं, पर बच्चों के नाम निवेश और सही वित्तीय शुरुआत के लिए यह बेहद जरूरी है.
बच्चों के लिए पैन कार्ड
आमतौर पर पैन कार्ड को नौकरीपेशा लोगों से जोड़ा जाता है, लेकिन 18 साल से कम उम्र के बच्चों का भी पैन कार्ड बनवाया जा सकता है. यह इनकम टैक्स विभाग द्वारा जारी किया गया 10 अंकों का एक यूनिक नंबर होता है, जो वित्तीय पहचान के रूप में काम आता है.
कार्ड की वैधता
पैन कार्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जीवन भर के लिए वैध रहता है. एक बार जो नंबर बच्चे को मिल जाता है वह भविष्य में कभी नहीं बदलता चाहे बच्चा बड़ा होकर नौकरी करे या खुद का बिजनेस.
माइनर पैन कार्ड की जरूरत क्यों?
हर बच्चे के लिए यह जरूरी नहीं है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में इसकी आवश्यकता पड़ती है. बच्चे के नाम पर म्युचुअल फंड, शेयर या FD में निवेश करने के लिए, बच्चे का बैंक अकाउंट खोलने के लिए, इंश्योरेंस पॉलिसी या प्रॉपर्टी में नॉमिनी बनाने के लिए. यदि बच्चे की अपनी कोई कमाई (जैसे- रियलिटी शो या अवॉर्ड) हो.
एडल्ट पैन कार्ड से तुलना
बच्चों का पैन कार्ड बड़ों के कार्ड से थोड़ा अलग होता है. इसमें बच्चे की फोटो नहीं होती है, बच्चे के सिग्नेचर की जगह माता-पिता या अभिभावक के हस्ताक्षर होते हैं. 18 साल पूरे होने पर इसे अपडेट कराना पड़ता है ताकि फोटो और बच्चे के साइन जोड़े जा सकें.
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन करने से पहले इन कागजातों को तैयार रखना जरूरी है. बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, बच्चे और माता-पिता का आधार कार्ड, माता-पिता के हस्ताक्षर, बच्चे की पासपोर्ट साइज फोटो.
आवेदन की प्रक्रिया
बच्चे के पैन कार्ड के लिए दो तरीके अपनाए जा सकते हैं.
ऑनलाइन: NSDL या UTIITSL की वेबसाइट पर जाकर.
ऑफलाइन: नजदीकी पैन सुविधा केंद्र पर जाकर.
ऑनलाइन आवेदन के लिए Form 49A भरना होता है, जिसमें बच्चे के साथ-साथ अभिभावक की जानकारी भी देनी पड़ती है.
फीस और ई-केवाईसी
आवेदन प्रक्रिया के दौरान लगभग 107 रुपये की फीस जमा करनी होती है. डिजिटल प्रक्रिया को सुरक्षित और तेज बनाने के लिए आधार के जरिए ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया पूरी की जाती है.
डिलीवरी और अपडेट
सफलतापूर्वक आवेदन और वेरिफिकेशन के कुछ दिनों के भीतर पैन कार्ड डाक के जरिए आपके घर के पते पर पहुंच जाता है. ध्यान रखें कि बच्चा जब 18 साल का हो जाए, तो कार्ड को अपडेट करना अनिवार्य है ताकि वह 'माइनर' से 'मेजर' कैटेगरी में आ सके.
माइनर पैन कार्ड न बनवाने के नुकसान
बिना पैन कार्ड के बच्चे के नाम पर म्यूचुअल फंड, एफडी (FD), शेयर बाजार में निवेश करना और बैंक खाता खोलना मुश्किल होता है. बच्चे की आय पर ज्यादा TDS कट सकता है और 18 साल के होने पर एजुकेशन लोन या अन्य सरकारी/वित्तीय कार्यों में देरी हो सकती है.