14 की उम्र में राजनीति में कूदे, रूसी राष्ट्रपति के नाम पर हुआ नामकरण; पढ़िए स्टालिन का राजनीतिक सफर
MK Stalin Profile: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर 23 अप्रैल, 2026 को वोट डाले जाएंगे. ऐसे में आज हम तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बारे में जानेंगे. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कैसे की? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एमके स्टालिन का जन्म 1 मार्च, 1953 को तमिलनाडु के चेन्नई में हुआ था. उनका पूरा नाम मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन हैं. जिन्हें लोग प्यार से ‘थलापति स्टालिन’ कहते हैं.
कौन हैं एमके स्टालिन?
एमके स्टालिन तमिलनाडु के प्रतिष्ठित द्रविड़ नेता और 5 बार मुख्यमंत्री रहे 'कलाईनार' एम. करुणानिधि और उनकी पत्नी दयालु अम्माल के तीसरे बेटे हैं.
रूसी राष्ट्रपति के नाम पर रखा गया था नाम
उनके पिता ने उनका नाम रूसी राष्ट्रपति जोसेफ स्टालिन के नाम पर रखा था. यह नामकरण एक शोक सभा के दौरान हुआ था, जो उस रूसी नेता के निधन के ठीक कुछ दिनों बाद आयोजित की गई थी और संयोगवश स्टालिन का जन्म भी उसी समय हुआ था.
कब से शुरू हुआ राजनीतिक सफर?
एम.के. स्टालिन के राजनीतिक करियर की शुरुआत 14 साल की उम्र में हुई थी और उन्होंने 1967 के चुनावों में अपनी पार्टी DMK के लिए प्रचार किया था.
कहां से की पढ़ाई?
एम. के. स्टालिन ने अपनी स्कूली शिक्षा मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज हायर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की. इसके बाद, उन्होंने विवेकानंद कॉलेज से प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स किया और फिर 1973 में स्टालिन ने मद्रास विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंसी कॉलेज चेन्नई से इतिहास विषय में B.A. की डिग्री हासिल की.
उनका पसंदीदा खेल क्या है?
एम. के. स्टालिन को खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में रुचि है. उनके पसंदीदा खेल क्रिकेट, बैडमिंटन और शतरंज हैं.
कब पहली बार बने विधायक?
स्टालिन की विधायी यात्रा की शुरुआत 1989 में हुई, जब वे थाउज़ेंड लाइट्स निर्वाचन क्षेत्र से विधायक (MLA) चुने गए. इसके बाद, 1996 में उन्होंने चेन्नई के महापौर (Mayor) का पदभार संभाला.
2009 में राज्य के उपमुख्यमंत्री बने
साल 2009 में उन्हें राज्य का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया. इस दौरान उन्होंने अपने पिता के मुख्यमंत्री कार्यकाल में उनके साथ मिलकर काम किया.
पहली बार कब बने मुख्यमंत्री?
एम.के. स्टालिन 7 मई, 2021 को पहली बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने. उन्होंने 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में DMK पार्टी का नेतृत्व किया और 234 में से 133 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया. वे तमिलनाडु के 8वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं.