सबसे अधिक तीखी हैं ये मिर्चें, खाते ही निकलने लगेंगे आंसू, देखें Photos
भारत में उगाई जाने वाली मिर्चें सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि अपने तीखेपन के लिए भी दुनियाभर में पहचान रखती हैं. भारत में मिर्च की ऐसी कई प्रजातियां पाई जाती हैं जो अपने तीखेपन के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं. अलग-अलग मिर्चों की किस्में अपने अलग स्वाद, रंग और तीखेपन के कारण खास मानी जाती हैं. उत्तर-पूर्व से लेकर दक्षिण और राजस्थान तक, हर क्षेत्र की मिर्च की अपनी अलग पहचान और उपयोग है, जो भारतीय खानपान को और भी खास बनाती है.
भूत जोलोकिया
भूत मिर्च, जिसे भूत जोलोकिया या नागा जोलोकिया के नाम से भी जाना जाता है, पूर्वोत्तर भारत में उगाई जाने वाली एक बेहद तीखी मिर्च है। 2007 में, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने भूत मिर्च को दुनिया की सबसे तीखी मिर्च घोषित किया, जो टैबास्को सॉस से 170 गुना अधिक तीखी थी।
नागा किंग मिर्च
नागा किंग मिर्च दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में से एक है, जिसे नागालैंड में मुख्य रूप से उगाया जाता है और यह जीआई-टैग प्राप्त है। यह अपनी अत्यधिक तीखी सुगंध, हल्के फल जैसे स्वाद और 1 मिलियन से अधिक स्कोविल हीट यूनिट (SHU) के लिए प्रसिद्ध है। इसे ताजा या सुखाकर अचार, चटनी और पाउडर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.
धनी मिर्च
त्रिपुरा में धनी मिर्च (या स्थानीय हरी मिर्च) अपनी तीखी सुगंध और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है, जो राज्य के प्रमुख व्यंजनों, जैसे मोसदेंग सेर्मा (मछली/टमाटर की चटनी) का अभिन्न अंग है। यह एक स्थानीय किस्म है जो धलाई जैसे क्षेत्रों में उगाई जाती है और वहां के पारंपरिक भोजन में तीखापन और अनोखा स्वाद जोड़ती है।
मथानिया मिर्च
राजस्थान के जोधपुर जिले का मथानिया मिर्च पूरी दुनिया में मशहूर है. इस लाल मिर्च की सप्लाई भारत ही नहीं विदेशों में भी होती है. जोधपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित मथानिया और आस-पास के क्षेत्रों में यह उगाई जाती है.
गुंटूर मिर्च
भारत के आंध्र प्रदेश राज्य के गुंटूर और प्रकाशम जिलों में पाई जाने वाली मिर्च की एक किस्म है। ये मिर्चें विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हैं और एशिया, कनाडा और यूरोप को निर्यात की जाती हैं।
सलेम गुंडू मिर्च
सलेम गुंडू (जिसे मुंडू या बोरिया भी कहा जाता है) एक छोटी, गोल और मोटी लाल मिर्च है, जो तमिलनाडु में अपने मध्यम तीखेपन और अधिक बीज सामग्री के लिए प्रसिद्ध है। इसे "गुंडू" (मोटी/गोल)के नाम से जाना जाता है और चटनी, करी और अचार में तड़का लगाने के लिए इसका व्यापक उपयोग होता है। यह सुगंधित, गहरे लाल रंग की मिर्च दक्षिण भारतीय व्यंजनों में बहुत लोकप्रिय है।