गंगा-यमुना से अलग… आखिर क्यों शिव की बेटी नहीं मानती बाकी नदियों का नियम? जानें पीछे की वजह
क्या हैं उस नदी का नाम?
मध्य प्रदेश के अनूपपुर ज़िले में अमरकंटक पठार से निकलने वाली उस नदी का नाम नर्मदा है और यही नदी पूरब से पश्चिम की ओर बहती है और अरब सागर में मिल जाती है. यह भारत की प्रमुख नदियों में से एक है, जिसकी एक खास विशेषता यह है कि अन्य अधिकांश नदियों के विपरीत यह उल्टी दिशा में बहती है. अमरकंटक से निकलकर, यह विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमालाओं के बीच स्थित एक भ्रंश घाटी से होते हुए पश्चिम की ओर बहती है.
नर्मदा नदी के विपरीत दिशा में बहने का क्या हैं विज्ञान?
नर्मदा नदी विपरीत दिशा में बहती है. इसकी धारा उल्टी दिशा में प्रवाहित होती है. ढलान जो किसी नदी के बहाव की दिशा निर्धारित करता है विपरीत दिशा में स्थित है. ठीक इसी ढलान के कारण ही नदी का बहाव विपरीत हो जाता है. यह नदी गुजरात और मध्य प्रदेश की एक प्रमुख नदी है.
भारत की पांचवी सबसे लंबी नदी हैं नर्मदा
यह नदी गुजरात और मध्य प्रदेश राज्यों के लिए जीवनरेखा का काम करती है. कुछ इलाकों में नर्मदा नदी को रेवा नाम से भी जाना जाता है. यह भारत की पांचवीं सबसे लंबी नदी है, जो कुल 1,077 किलोमीटर की दूरी तय करती है. जैसा कि बताया गया है, यह नदी मध्य प्रदेश के अनूपपुर ज़िले में अमरकंटक पठार से निकलती है.
नर्मदा नदी किसकी बेटी है?
धार्मिक मान्यताओं और प्राचीन पुराणों के अनुसार, नर्मदा नदी को भगवान शिव की पुत्री के रूप में पूजा जाता है. कहा जाता है कि नर्मदा का उद्भव भगवान शिव के शरीर से गिरी पसीने की एक दिव्य बूंद से हुआ था, जब वे अमरकंटक में तपस्या कर रहे थे; इसलिए, उन्हें 'महादेव की पुत्री' के रूप में पूजा जाता है.
नर्मदा नदी के पीछे की कहानी क्या है?
नर्मदा नदी के साथ प्रेम, विश्वासघात और अकेलेपन की एक मार्मिक कहानी जुड़ी हुई है. स्थानीय लोगों के बीच इस नदी का एक अनोखा और खास महत्व है. नदी के उल्टी दिशा में बहने की घटना को लेकर कई धार्मिक किंवदंतियाँ और मान्यताएं प्रचलित हैं. ऐसी ही एक किंवदंती के अनुसार, नर्मदा नदी का विवाह सोनभद्र के साथ तय हुआ था. लेकिन, नर्मदा की एक करीबी सहेली जोहिला के दखल के कारण, सोनभद्र और नर्मदा का विवाह कभी नहीं हो पाया. नतीजतन, नर्मदा ने जीवन भर अविवाहित रहने का फैसला किया; और अपने इस संकल्प के प्रतीक के तौर पर, उन्होंने प्राकृतिक बहाव के विपरीत दिशा में बहने का निर्णय लिया. ठीक इसी कारण से नर्मदा नदी उल्टी दिशा में बहती है.
नर्मदा नदी के किनारे बसा लोकप्रिय पर्यटन स्थल
जबलपुर, नर्मदा नदी के किनारे बसा सबसे बड़ा और सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल है. यह स्थान अपनी शानदार संगमरमर की चट्टानों (Marble Rocks) के लिए प्रसिद्ध है, ये ऊंची-ऊंची चट्टानें हैं जो एकदम सफ़ेद संगमरमर से बनी हैं.