Navratri 2025: नवरात्रि के समय साइबर ठग सक्रिय हो जाते हैं। ये लोग फर्जी वेबसाइट या नकली पेज बनाकर लोगों से पैसे लेते हैं। कई लोग उनका झांसा खाकर नकली टिकट खरीद लेते हैं।
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Navratri 2025: नवरात्रि के समय साइबर ठग सक्रिय हो जाते हैं। ये लोग फर्जी वेबसाइट या नकली पेज बनाकर लोगों से पैसे लेते हैं। कई लोग उनका झांसा खाकर नकली टिकट खरीद लेते हैं।
आज से नवरात्रि 2025 की शुरुआत हो चुकी है। देशभर में लोग गरबा और डांडिया खेलते हैं। कई जगह पंडाल सजाए जाते हैं और लोग चमकिले कपड़ों में शामिल होते हैं।
सोशल मीडिया पर गरबा और डांडिया नाइट्स के सूचना खूब दिखते हैं। इन सूचना में टिकट बुकिंग के लिंक और ऑफर्स होते हैं। यह लोगों को अट्रैक्ट करने का तरीका होती है।
नवरात्रि के समय साइबर ठग भी सक्रिय हो जाते हैं। ये लोग फर्जी वेबसाइट या नकली पेज बनाकर लोगों से पैसे लेते हैं। अक्सर लोग इनका झांसा खा कर नकली टिकट खरीद लेते हैं।
सोशल मीडिया पर अट्रैक्टिव पेज देखकर लोग विजिट करते हैं। इन्हें नकली वेबसाइट पर रिडायरेक्ट किया जाता है वेबसाइट का डोमेन नेम और लेआउट देखकर लगता है कि यह बड़ी कंपनी द्वारा आयोजित इवेंट है।
इंस्टाग्राम और फेसबुक पर नकली फॉलोअर्स दिखाए जाते हैं। लिमिटेड सीट्स, लास्ट 100 टिकट्स जैसी जानकारी देकर फोमो बनाया जाता है। इससे लोग तुरंत टिकट बुक करने के लिए प्रेरित होते हैं।
पेमेंट करने के बाद ग्राहकों को नकली टिकट या बुकिंग कंफर्मेशन भेजा जाता है। जब ग्राहक लोकेशन पर पहुँचता है, तब समझ आता है कि ठगी हो गई। बीते वर्षों में इस तरह के कई फ्रॉड सामने आए हैं।
वेबसाइट का डोमेन नेम और आयोजक की जानकारी अच्छी तरह चेक करें। केवल भरोसेमंद पेमेंट गेटवे से ही भुगतान करें।
आयोजक की विश्वसनीयता को क्रॉस चेक करना जरूरी है। सतर्कता बरतने से आप ठगी से बच सकते हैं।