Navratri Fasting Rules: क्या सिर्फ पहला और आख़िरी व्रत रखना सही है, व्रत में किन नियमों का रखे ध्यान?
Navratri Fasting Rules: चैत्र महीने के लिए नवरात्रि के व्रत 19 मार्च से शुरू होंगे. नवरात्रि हिंदू धर्म के खास त्योहारों में से एक है जो बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाता है. नवरात्रि का त्योहार देवी दुर्गा और उनके नौ अवतारों को समर्पित है. साल में चार नवरात्रि होती हैं लेकिन सिर्फ दो ही बड़े पैमाने पर मनाई जाती हैं. चैत्र नवरात्रि (मार्च-अप्रैल) और शरद नवरात्रि (अक्टूबर-नवंबर). इस दौरान किन नियमों का पालन किया जाता है चलिए जानते हैं. चलिए ज्योतिषाचार्य प्रशांत मिश्रा वैदिक से इन नियमों को जान लेते हैं.
Chaitra Navratri 2026: पहले और अष्टमी व्रत के नियम
पंडित प्रशांत मिश्रा वैदिक के अनुसार, जो लोग चैत्र नवरात्रि के पहले और आठवें दिन व्रत रखते हैं, उन्हें शुरुआती और आखिरी व्रत या युग्म व्रत कहा जाता है. इनके लिए भी कड़े नियमों की ज़रूरत होती है.
नहाने और पूजा का संकल्प
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन यानी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सुबह नहाकर साफ कपड़े पहनें. फिर अक्षत लाल फूल और पानी लेकर चैत्र नवरात्रि का व्रत रखने और देवी दुर्गा की पूजा करने का संकल्प लें. इस संकल्प में लिखा है कि आप पहले दिन और अष्टमी को व्रत रखेंगे और देवी की पूजा करेंगे.
घटस्थापना और अखंड ज्योति
पंडित जी के अनुसार, चैत्र नवरात्रि व्रत और पूजा का संकल्प लेने के बाद कलश स्थापित करें और अखंड ज्योति जलाएं. अगर यह मुमकिन न हो तो भी कोई बात नहीं जब तक ज्योति जल रही तब तक ठीक है. कलश स्थापना कर मां की पूजा करें. घी का दीपक जरूर जलाएं.
फल खाने के नियम
पंडित जी बताते हैं कि व्रत के दौरान आपको या तो फल, दूध, मेवे और जूस खाने चाहिए या सात्विक खाना खाना चाहिए. इसमें कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, सेंधा नमक और दूसरी चीज़ों से बनी डिश शामिल हैं.
तामसिक खाने से बचें
इस व्रत के दौरान आपको पूरे नौ दिनों तक तामसिक खाने से दूर रहना चाहिए. इसमें प्याज, लहसुन, मांस और शराब से बचना शामिल है. आपको गेहूं, चावल और दाल जैसे अनाज से भी बचना चाहिए. हालांकि आप पूरे नौ दिनों तक व्रत नहीं रखेंगे, फिर भी आपको पूरे नवरात्रि ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करना होगा. इन दिनों में काम, क्रोध, लालच और मोह से दूर रहें. अपने घर और आस-पास शांति बनाए रखें.
व्रत पूरा करना
प्रतिपदा को देवी शैलपुत्री और दुर्गाष्टमी को देवी महागौरी की पूजा करें. फिर कन्या पूजन करके उन्हें जिवावें. दुर्गाष्टमी पर नवरात्रि हवन करें. इससे आपके घर से नेगेटिविटी दूर होगी. महानवमी पर अपना व्रत तोड़ें. कई जगहों पर लोग नवरात्रि हवन पूरा होने के बाद प्रसाद खाकर अपना व्रत तोड़ते हैं. कुछ जगहों पर महानवमी पर व्रत तोड़ा जाता है, जबकि कुछ जगहों पर दशमी पर. अपने इलाके में प्रचलित रीति-रिवाजों के अनुसार अपना व्रत तोड़ें.
स्त्री की ताकत का जश्न
यह त्योहार और भी जरूरी है क्योंकि यह महिलाओं की हिम्मत और ताकत का जश्न मनाता है. महिलाएं हमारे समाज की रीढ़ हैं. महिलाओं की भूमिका सालों से बदलती रहती है और अलग-अलग हालात के आधार पर उन्हें नई भूमिकाओं और चुनौतियों के लिए खुद को ढालना पड़ता है. और वह हर मामले में विजयी होती है. यह द मॉडर्न गॉडेस का जश्न मनाने का भी समय है.
नौ दिन व्रत या सिर्फ दो दिन
नवरात्रि के दौरान हिंदू भक्त देवी दुर्गा को खुश करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए नौ दिनों तक उपवास रखते हैं. उपवास के दिनों की संख्या अलग-अलग हो सकती है. जहां कई लोग पूरे नौ दिन उपवास रखते हैं, वहीं कुछ भक्त जोड़े यानी पति-पत्नी दोनों उपवास करते हैं. या तो नवरात्रि के पहले दो या आखिरी दो दिन भी व्रत कर सकते हैं. नवरात्रि के उपवास कई तरह के होते हैं. कुछ लोग इन नौ दिनों में सिर्फ़ पानी पीते हैं, जबकि कुछ फल खाते हैं और कुछ दिन में सिर्फ़ एक बार खाते हैं. कुट्टू की पूरी, सिंघाड़े का हलवा, सिंघाड़े के पकौड़े, साबूदाना वड़ा और साबूदाना खिचड़ी नवरात्रि की कुछ पॉपुलर खाने की रेसिपी हैं.
डिस्क्लेमर
यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है. इंडिया न्यूज तथ्यों की पुष्टि नहीं करताहै. पाठक एक्सपर्ट की सलाह ले. यह कोई प्रोफेशनली सलाह नहीं है. यह लेख धार्मिक मान्याताओं, आस्था और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है.