कम उम्र में ही कमजोर हो गई हैं नसें? आखिर क्यों डैमेज होती हैं नर्व और कैसे पड़ता है शरीर पर असर?
Nerve Damage: आज के समय में खराब लाइफस्टाइल, तनाव, पोषण की कमी और डायबिटीज के कारण लोगों को काफी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इनमें से ही एक है कम उम्र में ही नसों का कमजोर होना. इसके कारण लोगों को हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं. इसके अलावा हाथ-पैरों में झनझनाहट, मांसपेशियों में दर्द होना और कमजोरी होना शामिल है. नसों के डैमेज होने से काम करने की क्षमता कम हो जाती है. इससे शरीर में सही से सिग्नल नहीं पहुंच पाता. इसके कारण शरीर में दर्द हो सकता है.
नर्व डैमेज होने से पहले होती है झनझनाहट
कोई भी बीमारी होने से पहले शरीर में किसी न किसी तरह के संकेत मिलते हैं. इसी तरह नर्व डैमेज से पहले भी संकेत मिलते हैं. नर्व डैमेज होने से पहले हाथ पैर में लगातार झनझनाहट होने लगती है. कई बार शरीर का कुछ हिस्सा सुन्न भी हो जाता है.
हाथ-पैरों में दर्द और जलन
इसके अलावा हाथ-पैरों में जलन या दर्द भी महसूस होता है. कई बार चलने-फिरने में दिक्कत आने लगती है और बार-बार थकान महसूस होने लगती है. इसके कारण हाथ-पैरों में कंपकंपाहट भी महसूस होने लगती है, जिससे छोटे-छोटे काम करने में भी दिक्कत होने लगती है.
क्यों होती है नर्व डैमेज?
पोषण की कमी होने के कारण नर्व डैमेज होने लगती हैं. जब शरीर में विटामिन बी-12, ओमेगा 3 फैटी एसिड, आयरन औमैग्नीशियम के कारण नसें कमजोर हो जाती हैं, जिसके कारण नर्व डैमेज हो जाती हैं.
खराब नींद और टेंशन
इसके अलावा खराब नींद और टेंशन लेने के कारण दिमाग की नसों पर नेगेटिव असर पड़ता है, जो नर्व डैमेज होने का कारण हो सकता है.
ब्लड प्रेशर और हाई बीपी
ब्लड प्रेशर और हाई बीपी के कारण भी नर्व डैमेज हो सकती हैं. साथ ही शराब और धूम्रपान के कारण नसें सख्त और कमजोर हो सकती हैं.
लंबे समय तक बैठने के कारण
लंबे समय तक बैठे रहने और कोई शारीरिक गतिविधि न करने के कारण भी नसें कमजोर हो जाती हैं और इससे नर्व डैमेज हो सकती हैं.
कैसे करें बचाव?
इससे बचाव के लिए आपको रोजाना एक्सरसाइज करनी चाहिए. साथ ही खान-पान पर ध्यान देना चाहिए और संतुलित आहार लेना चाहिए. 7-8 घंटों की नींद पूरी करनी चाहिए. अगर इसके बावजूद आपको परेशानी रहती है, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
धूम्रपान और शराब से बनाएं दूरी
अगर आप धूम्रपान और शराब का सेवन करते हैं, तो आपको छोड़ना होगा. इसके बावजूद अगर लक्षण दिखते हैं, तो आप डॉक्टर से सलाह जरूर लें.