AI और जेम्स वेब टेलीस्कोप, जब अंतरिक्ष की तस्वीरों में देखने को मिला नया अवतार
No Optical Illusion: हाल ही में वैज्ञानिकों ने जेम्स वेब टेलीस्कोप द्वारा ली गई धुंधली और कच्ची तस्वीरों को साफ करने के लिए AI एल्गोरिदम का इस्तेमाल कर हर किसी को पूरी तरह से हैरान कर दिया है. जहां, यह तकनीक ‘इमेज ड्वॉर्फिंग‘ और ‘नॉयज रिडक्शन‘ के जरिए ब्रह्मांड के उन हिस्सों को भी साफ दिखा रही है, जो पहले धुंधले दिखा करते थे. तो वहीं, दूसरी तरफ ऐसा करने से इससे खगोल विज्ञान में डेटा विश्लेषण की गति पहले के मुताबिक कई गुना और भी ज्यादा बढ़ जाती है.
अंतरिक्ष से भेजा गया डेटा होता है धुंधला
दरअसल, जेम्स वेब टेलीस्कोप अंतरिक्ष से जो डेटा भेजता है, वह ज्यादातर धुंधला होता है. जहां, AI इन 'रॉ फाइल्स' को संसाधित (Process) कर उन्हें साफ तस्वीरों में पूरी तरह से बदल देता है.
डीप लर्निंग का किया गया इस्तेमाल
वैज्ञानिक 'Deep Learning' मॉडल का इस्तेमाल कर रहे हैं जो टेलीस्कोप के लेंस की कमियों को पहचानते हैं और डिजिटल रूप से उन्हें ठीक करके छवि की गुणवत्ता को पहले से और भी ज्यादा बढ़ाते हैं.
नॉयज रिडक्शन
तो वहीं, अंतरिक्ष की तस्वीरों में ज्यादातर 'कॉस्मिक नॉयज' देखने को मिलता है. जहां, AI इन बाधाओं को हटाकर तारों और आकाशगंगाओं की असली चमक को पहले से और भी ज्यादा उभारने में मदद करता है.
AI एल्गोरिदम विवरणों को करता है रिकंस्ट्रक्ट
AI एल्गोरिदम उन विवरणों को भी 'रिकंस्ट्रक्ट' कर सकते हैं जो टेलीस्कोप के सेंसर ठीक से पकड़ नहीं पाते, जिससे पुरानी और अधूरी तस्वीरें दोबारा से साफ दिखाई देने लगती है.
समय की होती है सबसे ज्यादा बचत
जिस डेटा को इंसानी विशेषज्ञों द्वारा साफ करने में हफ्तों लगते थे, उसे AI अब कुछ ही सेकंडों में सटीकता के साथ पूरा कर समय को सबसे ज्यादा बचाने में मददगार साबित हो रहा है.
AI की मदद से बदले जाते हैं दृश्य रंग
AI की मदद से इन्फ्रारेड तरंगों के डेटा को दृश्य रंगों में इतनी बारीकी से बदला जा रहा है कि हम धूल के बादलों के पीछे छिपे हुए तारों के जन्म को भी साफ तौर से आसानी से देख पाते हैं.
आकाशगंगाएं की तस्वीरें अब हो रही साफ
पहले की धुंधली तस्वीरों में आकाशगंगाएं सिर्फ और सिर्फ रोशनी के धब्बे जैसी दिखाई देती थीं, लेकिन AI ने उनके आकार और संरचना को फिर से जीवंत कर कर साफ तस्वीरों में देखने को मिलता है.
आखिर क्या है भविष्य की अगली खोज
यह तकनीक न सिर्फ वर्तमान डेटा को सुधार रही है, बल्कि भविष्य में एलियंस (Alien Life) के संकेतों और ब्लैक होल के रहस्यों को समझने के लिए डेटा विश्लेषण को और पहले के मुताबिक और भी ज्यादा सटीक बनाने में मदद कर रहा है.