Nora Fatehi Controversy: थमने का नाम नहीं ले रहा सरके चुनर गाने पर नोरा फतेही का विवाद, वर्क परमिट रद्द करने की मांग
Nora Fatehi Controversy: एक्ट्रेस नोरा फतेही अपनी लेटेस्ट ट्रैक ‘सरके चुनर’ को लेकर सुर्खियों में हैं. इसने एक विवाद खड़ा कर दिया था और आखिरकार उसे बैन कर दिया गया. कन्नड़ फिल्म ‘KD Devil’ के इस गाने के हिंदी वर्जन की इसके कथित ‘दोहरे अर्थ’ वाले बोलों को लेकर आलोचना की गई थी. अब स्थिति और भी गंभीर हो गई है क्योंकि दस वकीलों के एक समूह ने कथित तौर पर गृह मंत्रालय से संपर्क किया है और नोरा के वर्क परमिट को रद्द करने तथा उन्हें भारत से वापस भेजने की मांग की है. रिपोर्टों के अनुसार, यह शिकायत कई प्रमुख अधिकारियों को भी भेजी गई है, जिनमें सूचना और प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, और राष्ट्रीय महिला आयोग शामिल हैं. यह इस मुद्दे की गंभीरता को भी दर्शाता है. गाने पर नोरा फतेही के खिलाफ अलीगढ़ से फतवा भी जारी हुआ है. देखें फोटो गैलरी.
नोरा फतेही के खिलाफ गुस्सा
नोरा फतेही का गाना सरके चुनर को लेकर मामला गर्माया हुआ है. दस वकीलों के एक ग्रुप ने उनका वर्क परमिट रद्द करने की मांग की है. 'विदेशी अधिनियम, 1946' के प्रावधानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के पास उन विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है, जिनके कार्य सार्वजनिक शालीनता या व्यवस्था को बाधित कर सकते हैं.
गाने को लेकर महिलाओं का बताया अपमान
अपनी याचिका में वकीलों ने आरोप लगाया है कि यह गाना अश्लील और यौन रूप से उत्तेजक है. यह सार्वजनिक नैतिकता के साथ-साथ महिलाओं की गरिमा के लिए भी अपमानजनक है. उन्होंने आगे तर्क दिया कि नोरा ने इस तरह की सामग्री से जुड़कर भारत में काम करने के अपने विशेषाधिकार का दुरुपयोग किया है.
कई कानूनों का उल्लंघन करता है गाना
उन्होंने अन्य कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ 'पासपोर्ट अधिनियम 1920' का भी हवाला दिया. याचिका में यह भी दावा किया गया है कि यह गाना कई कानूनों का उल्लंघन करता है, जिनमें 'भारतीय न्याय संहिता' की धाराएं, 'महिलाओं का अश्लील चित्रण अधिनियम, 1986' और 'सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000' शामिल हैं.
महिलाओं पर अश्लीलता दिखाता है गाना
वकीलों ने तर्क दिया कि इस तरह के चित्रण अश्लीलता को बढ़ावा देते हैं, महिलाओं को केवल एक वस्तु के रूप में देखने की सोच को बढ़ावा देते हैं और समाज में मौजूद गलत धारणाओं को और मजबूत करते हैं.
एक्ट्रेस ने दिया जवाब
आलोचनाओं का जवाब देते हुए नोरा ने कहा था कि उन्हें गाने के बोलों के अर्थ के बारे में कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि उन्होंने यह गाना कन्नड़ भाषा में गाया था. उन्होंने यह भी दावा किया कि गाने के अनुवादित संस्करण का उपयोग उनकी सहमति के बिना किया गया था. एक्ट्रेस ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में यह साफ किया कि मैंने यह गाना तीन साल पहले कन्नड़ में शूट किया था. जब मैंने यह गाना शूट किया था, तो मैंने इसके लिए हां कह दिया था क्योंकि यह एक बड़ी फ़िल्म का हिस्सा था और इसमें संजय दत्त भी थे.
नोरा ने गाने की जानकारी पर दी सफाई
उन्होंने आगे बताया कि हिंदी वर्शन में उनका कोई रोल नहीं था और बाद में किए गए बदलावों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी. जब उन्होंने इस गाने का अनुवाद किया तो मुझे कुछ भी गलत या अश्लील नहीं लगा. लेकिन मुझे कन्नड़ नहीं आती इसलिए मैं उन्हीं की बातों पर भरोसा करती हूं. उन्होंने अभी जो कुछ भी किया है जैसे इसे हिंदी में डब करना और इसके बोल बदलना उसके लिए उन्होंने मुझसे कोई इजाज़त या मंज़ूरी नहीं ली.
लॉन्च इवेंट में दिखी गड़बड़ी
एक्ट्रेस ने उस समय की अपनी प्रतिक्रिया भी याद की, जब वह गाने के लॉन्च इवेंट में शामिल हुई थीं. नोरा के अनुसार, जब वह लॉन्च इवेंट में गई तो उन्होंने कन्नड़ वर्शन देखा और मुझे उसमें एक बड़ी दिक्कत नज़र आई. उन्होंने गाने के वीडियो में मेरी कुछ ऐसी तस्वीरें इस्तेमाल की थीं जो अच्छी नहीं लग रही थीं. उन्होंने संजय और मेरी एक AI से बनी तस्वीर भी इस्तेमाल की थी. यह सब देखकर मैं उस इवेंट में बहुत ज़्यादा चिढ़ गई थी. फिर भी मैंने खुद को शांत रखा. लेकिन, जब उन्होंने हिंदी वर्शन देखा तो वह पूरी तरह से हैरान रह गईं. हिंदी वर्जन देखकर मुझे पता चल गया था कि इसकी बहुत ज़्यादा आलोचना होगी. मैंने डायरेक्टर से कहा कि यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है और मैंने खुद को इस प्रोजेक्ट से पूरी तरह अलग कर लिया.
अभिनेत्री के खिलाफ फतवा
अभिनेत्री ने कहा कि लोगों की जबरदस्त आलोचना की वजह से उन्हें यह गाना हटाना पड़ा और मैं इसके लिए उनकी शुक्रगुज़ार हूं. याचिकाकर्ताओं ने उनकी इस सफ़ाई को यह कहकर खारिज कर दिया कि यह तो बस बाद में सोचा गया एक बहाना है. इस विवाद में अलीगढ़ के मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ़्ता ने गाने को लेकर अभिनेत्री के खिलाफ़ एक फ़तवा जारी कर दिया. इस संस्था ने गाने के कंटेंट को आपत्तिजनक और इस्लामी उसूलों के खिलाफ माना है. बढ़ती आलोचना के बीच, केंद्र सरकार ने बुधवार को इस बात की पुष्टि कर दी कि इस गाने पर बैन लगा दिया गया है. सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में इसके बारे में बताया.
डिस्क्लेमर
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