Pongal Celebration 2026: सिर्फ तमिलनाडु ही नहीं बल्कि इन राज्यों में भी पोंगल की रहती है धूम
Pongal Celebration 2026: पोंगल भारत के सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है. खासकर कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल वगैरह में यह खास तौर पर मनाया जाता है. यह फेस्टिवल कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे कई राज्यों में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है. पढ़िए, इससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण और शानदार जानकारियां.
पोंगल का क्या महत्व है?
यह पर्व चार दिन का होता है. हर दिन कुछ नया होता है. इनमें घर की सफाई, मिक्स भोजन, सूर्य की पूजा और किसानों का सम्मान शामिल है. यह त्योहार खुशी, कृतज्ञता और एकता को भी दर्शाता है.
तमिलनाडु में यह कैसे मनाया जाता है?
तमिलनाडु में यह त्योहार चार दिनों से ज़्यादा समय तक मनाया जाता है. इसमें हर दिन की अपनी अलग रस्में और महत्व शामिल है. यह दिन भगवान इंद्र को सम्मान देने के लिए समर्पित है, जिन्हें धरती पर समृद्धि लाने का श्रेय दिया जाता है. इस उत्सव को भोगी मंटालू के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इस दिन लोग लकड़ी और गोबर के उपलों से बनी आग में घर की बेकार चीज़ों को जलाते हैं.
आंध्र प्रदेश में यह त्योहार कैसे मनाया जाता है?
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पोंगल को संक्रांति के रूप में मनाया जाता है. तीन दिनों तक चलने वाले इस पर्व की रस्में तमिलनाडु जैसी ही हैं. लोग पुरानी चीज़ों को फेंककर अलाव जलाते हैं. दूसरे दिन स्वादिष्ट पकवान बनाने की तैयारी होती है, जिसमें मीठे चावल, तिल के लड्डू वगैरह शामिल हैं.
कर्नाटक में यह कैसे अलग है?
कर्नाटक में पोंगल को संक्रांति के रूप में मनाया जाता है. यह त्योहार तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की तरह ही होता है. लेकिन, गोब्बेमालू जैसी रस्में कर्नाटक में पोंगल को अन्य राज्यों से अलग बनाती हैं. इसके अलावा यहां की मशहूर डिश तिल और गुड़ से बनी एलु बेल्ला है. यह कर्नाटक में पोंगल की एक और खासियत है.
केरल में क्या अलग है?
केरल में पोंगल समारोह एक और सालाना त्योहार मकरविलक्कू के साथ मनाया जाता है, जो सबरीमाला मंदिर में मकर संक्रांति पर होता है. लोग यहां पकवान बनाते हैं. घरों को कोलम से सजाया जाता है. भगवान से प्रार्थना की जाती है और प्रकृति को धन्यवाद दिया जाता है.
क्या उत्तर भारतीय राज्यों में यह त्योहार मनाया जाता है?
पोंगल महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश जैसे अन्य राज्यों में मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है. जबकि, पंजाब और हरियाणा में फसल कटाई का यह त्योहार लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है. इन त्योहारों के सेलिब्रेशन में सूर्य, रथ, गेहूं के दाने, हंसिया जैसे आम प्रतीक शामिल होते हैं.
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