Pongal Festival Dates: जानें पोंगल पर्व पर किस दिन करें कौन सी पूजा, शुभ समय की लिस्ट अंदर है?
Pongal Festival Dates: पोंगल का शुभ त्योहार हर साल बड़े पैमाने पर मनाया जाता है. यह भारत के सबसे ज़्यादा पहचाने जाने वाले हिंदू फसल त्योहारों में से एक है. यह मुख्य रूप से तमिल लोगों द्वारा मनाया जाता है और पूर्वी भारत में मकर संक्रांति, पंजाब में लोहड़ी और गुजरात में उत्तरायण त्योहारों के साथ मनाया जाता है. यह चार दिनों का त्योहार है जिसमें भक्त सूर्य देवता की पूजा करते हैं, जो सूर्य की उत्तर दिशा की यात्रा का प्रतीक है.
कब है पोंगल
द्रिक पंचांग के अनुसार, पोंगल का शुभ त्योहार इस साल 14 जनवरी को शुरू होगा. यह तमिल महीने थाई के पहले दिन मनाया जाता है. भोगी पोंगल मंगलवार, 13 जनवरी को है. इस दिन सफाई और नई शुरुआत का दिन है. सूर्य या थाई पोंगल बुधवार 14 जनवरी को है. परिवार सूर्य भगवान की पूजा करते हैं.
जानवरों की पूजा होती है
मट्टू पोंगल गुरुवार 15 जनवरी को मवेशियों की पूजा की जाती है. किसान अपने बैलों, गायों को नहाते हैं. उन्हें अच्छे से तैयार किया जाता है. उनकी पूजा की जाती है और जानवरों को पकवान खिलाकर उनकी पूजा की जाती है.
एक-दूसरे से मिलने का दिन
कानुम पोंगल शुक्रवार 16 जनवरी को पारिवारिक मिलन, आराम और सांस्कृतिक उत्सवों का दिन है. इस शुभ त्योहार के दौरान लोग पूजा करते हैं और अपने परिवार और दोस्तों से मिलने जाते हैं. यह त्योहार उन प्राकृतिक तत्वों के प्रति आभार व्यक्त करने का भी है जो जीवन को बनाए रखने में मदद करते हैं.
पोंगल 2026: शुभ समय और रीति-रिवाज
पंचांग के अनुसार, थाई पोंगल संक्रांति का क्षण 14 जनवरी को दोपहर 03:13 बजे है.
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05:27 बजे से सुबह 06:21 बजे तक
प्रातः संध्या - सुबह 05:54 बजे से सुबह 07:15 बजे तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02:15 बजे से दोपहर 02:57 बजे तक
अमृत कालम - दोपहर 03:23 बजे से शाम 05:10 बजे तक
निशिता मुहूर्त - 15 जनवरी को रात 12:03 बजे से रात 12:57 बजे तक
खाने-पीने का त्योहार
पोंगल को उत्तर भारत में संक्रांति के तौर पर मनाया जाता है. कहते हैं कि इस दिन से तिल और गुड़ के लड्डू को खाया जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि सर्दियों में गुड़ खाना सेहत के लिहाज से अच्छा होता है. ठंड में जमकर कसरत और अच्छा खाने से शरीर स्वस्थ रहता है.
डिस्क्लेमर
इस प्लेटफॉर्म पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है. यह जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से ली गई है.