माघ मेले में शंकराचार्य को रोकने वाले कमिश्नर कौन? नाम सामने आते ही सियासी-धार्मिक बवाल
प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को संगम जाने से रोक दिया गया था. तब से कमिश्नर जोगिंदर कुमार सुर्खियों में हैं. आइए उनके बारे में और जानते हैं.
Event and Controversy
प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को संगम में पवित्र स्नान के लिए जाने से रोक दिया गया जिससे एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया.
Role of Commissioner
प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर IPS जोगिंदर कुमार इस विवाद के केंद्र में हैं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जुलूस को रोकने और विवाद पैदा करने के लिए उन्हें और प्रशासन को दोषी ठहराया है.
Escalation into Conflict
रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस और संत के अनुयायियों के बीच असहमति शारीरिक झड़प में बदल गई, जिसके बाद स्वामी अनुष्ठानिक स्नान के लिए संगम नहीं गए.
Protest Action
रोक लगाए जाने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी पालकी लेकर अपने कैंप की ओर लौट गए और तब से बाहर धरने पर बैठे हैं अधिकारियों से कार्रवाई और माफी की मांग कर रहे हैं.
Commissioner’s Background
जोगिंदर कुमार राजस्थान के बाड़मेर के 2007 बैच के IPS अधिकारी हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर सेवा की है जिसमें 11 मई 2025 को प्रयागराज पुलिस कमिश्नर बनने से पहले विभिन्न जिलों में SSP और DIG के पदों पर काम करना शामिल है.
Administrative Defense
जोगिंदर कुमार के नेतृत्व वाले पुलिस प्रशासन ने कहा कि बड़ी भीड़ के बीच सुरक्षा चिंताओं के कारण प्रतिबंध लगाए गए थे और इसका मकसद परंपरा या धार्मिक नेताओं का अनादर करना नहीं था.
Ongoing Dispute
यह मामला अभी भी अनसुलझा और तनावपूर्ण बना हुआ है स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद माफी की मांग कर रहे हैं और माघ मेले में धार्मिक परंपराओं को लेकर पुलिस के रवैये पर एक बड़ी सार्वजनिक बहस चल रही है.