‘मैं मां सीता नहीं…’, महाकुंभ से मिली शोहरत, फिर टूटा हौसला, हर्षा रिछारिया ने धर्म का रास्ता छोड़ने का किया एलान
हर्षा रिछारिया ने धर्म छोड़ा
हर्षा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में उन्होंने कहा कि 2025 में प्रयागराज महाकुंभ में शुरू हुई एक कहानी अब खत्म हो रही है, या खत्म होने वाली है. एक साल में, मुझे बहुत विरोध का सामना करना पड़ा है. वह विरोध प्रयागराज में शुरू हुआ था और मुझे लगा था कि यह महाकुंभ के बाद यह सब खत्म हो जाएगा.
हर्षा रिछारिया का छलका दर्द
लेकिन धर्म के रास्ते पर चलते हुए मैंने जो कुछ भी करने की कोशिश की, मुझे विरोध का सामना करना पड़ा. मैं कुछ भी गलत नहीं कर रही थी, मैं चोरी नहीं कर रही थी, मैं बलात्कार नहीं कर रही थी. धर्म के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए मैं जो कुछ भी कर रही थी, उसे रोक दिया गया.
मेरे चरित्र को बदनाम किया गया- हर्षा रिछारिया
हर्षा रिछारिया ने कहा कि मेरा मनोबल टूट गया है. जो लोग सोचते हैं कि मैंने महाकुंभ के जरिए धर्म को धंधा बनाकर लाखों रुपये कमाए हैं, मैं अभी बहुत कर्ज़ में हूं. इस रास्ते पर आने से पहले, मैं एक एंकर थी. मुझे बहुत गर्व था, और बहुत खुश भी थी. मैं अच्छे पैसे कमा रही थी. सबसे जरूरी बात, मेरे पास किसी का सपोर्ट नहीं है. मुझे रोक दिया गया है. मुझे विरोध का सामना करना पड़ा है. माघ मेले में भी मेरे साथ ऐसा हुआ, और अगर आप किसी लड़की की हिम्मत नहीं तोड़ सकते, तो उसके चरित्र को बदनाम कर दो. फिर वह ज़रूर टूट जाएगी. अपना धर्म अपने पास रखो, मैं माता सीता नहीं हूं जो अग्नि परीक्षा दूंगी.
मौनी अमावस्या पर गंगा में डुबकी लगाऊंगी- हर्षा रिछारिया
मुझे जो अग्नि परीक्षा देनी थी, वह मैं पहले ही दे चुकी हूं. अब, मैं माघ मेले में मौनी अमावस्या पर गंगा में डुबकी लगाऊंगी और धर्म के रास्ते पर चलने का जो संकल्प लिया था, उसे खत्म कर दूंगी. मैं अपने पुराने काम पर वापस जाऊंगी.
हर्षा ने शादी की अफवाहों पर दी प्रतिक्रिया
हर्षा ने हाल ही में एक इंटरव्यू दिया जिसमें उन्होंने अपनी शादी की योजनाओं के बारे में भी अपडेट दिया. उन्होंने कहा कि मैंने अभी इसके बारे में सोचा नहीं है. मुझे नहीं लगता कि ज़िंदगी में शादी करना जरूरी है. मेरे माता-पिता अपनी राय बताते हैं, लेकिन वे मुझे कुछ भी करने से रोकते नहीं हैं. आजकल तो माता-पिता भी शादी के बाद आने वाली मुश्किलों को लेकर परेशान रहते हैं.