गर्भावस्था में बार-बार टॉयलेट… कहीं आपके साथ तो ऐसा नहीं, डॉक्टर से जानें किस बीमारी का संकेत, लक्षण और बचाव
Pregnancy Tips: ये सच है कि, प्रेग्नेंसी हर महिला के लिए एक खूबसूरत यात्रा है. इस दौरान एक महिला खुद से ज्यादा पेट में पल रहे अपने बच्चे का ख्याल रखती है. यह समय जितना खूबसूरत होता है उतना ही जोखिम भरा भी. क्योंकि, इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई बदलाव देखने को मिलते हैं, जिससे बीमारियों का जोखिम बढ़ता है. इसलिए गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने स्वास्थ्य (Health) के प्रति ज्यादा जागरूक होना पड़ता है. यदि वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखेंगी, तो इसका बुरा असर गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ सकता है. गर्भावस्था के दौरान कई महिलाओं को बार-बार टॉयलेट (Toilet) आने की समस्या हो जाती है. यह उनके लिए काफी परेशानी भरा हो सकता है. बार-बार पेशाब आने के कारण उनकी नींद भी पूरी नहीं हो पाती है, लेकिन कुछ उपायों की मदद से इस समस्या से निजात पाया जा सकता है. अब सवाल है कि आखिर गर्भावस्था में बार-बार टॉयलेट किस बीमारी का संकेत? इस परेशानी से बचने के उपाय क्या हैं? इस बारे में India News को बता रही हैं एम्स रायबरेली की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. ज्योत्सना देवी-
प्रेग्नेंसी में बार-बार टॉयलेट क्यों
डॉक्टर कहती हैं कि, गर्भावस्था में बार-बार टॉयलेट (पेशाब) आना आमतौर पर सामान्य हार्मोनल बदलाव बढ़ते गर्भाशय का मूत्राशय पर दबाव और बढ़े हुए ब्लड सर्कुलेशन के कारण होता है. लेकिन, अगर पेशाब में जलन, दर्द या बुखार हो तो यह यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) या गर्भकालीन मधुमेह (Gestational Diabetes) का संकेत हो सकता है. इसलिए इस परेशानी से बचाव बेहद जरूरी है.
कैफीनयुक्त पदार्थों के सेवन से बचें
शायद इस बात की जानकारी बहुत ही कम लोगों को होती है कि कैफीन युक्त पदार्थों के सेवन से पेशाब बार बार आने की समस्या होती है. इसलिए गर्भवती महिलाओं को चाय या कॉफी जैसी चीजों से परहेज करना चाहिए.
रात सोने से पहले कम मात्रा में पानी पीएं
कई गर्भवती महिलाओं में रात के समय बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है, जिसकी वजह से उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती है. ऐसे में रात में सोने से पहले पानी का कम सेवन करें, इससे रात में बार-बार पेशाब नहीं आएगी.
रेगुलर एक्सरसाइज करें
शरीर की पेल्विक फ्लोर (श्रोणि का निचला हिस्सा) की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए एक्सरसाइज की जा सकती है. इसके लिए कीगेल एक्सरसाइज असरदार है. बार-बार पेशाब निकलने की समस्या अधिकतर गर्भवती महिलाओं में छींकने, खांसने या हंसते समय होती है, ऐसे में कीगेल एक्सरसाइज की वजह से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां कुछ समय में ठीक हो जाती हैं.
पेय पदार्थों का सेवन जरूरी
गर्भवती महिलाओं को यदि बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है तो वे यह सोचकर तरल पदार्थों का सेवन कम कर देती हैं कि इससे उन्हें पेशाब आना कम हो जाएगी. ऐसा करना गलत होगा, क्योंकि इससे महिलाओं में यूरिन संक्रमण की समस्या हो सकती है. वहीं, दूसरी ओर उनके शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे गर्भ में पल रहे शिशु की थैली भी सिकुड़ सकती है और बच्चे पर प्रभाव पड़ सकता है.
टॉयलेट के समय बॉडी पॉश्चर का ध्यान रखें
पेशाब करते समय गर्भवती महिलाएं अपने शरीर की मुद्रा का ख्याल नहीं रखती हैं. पेशाब करते समय शरीर को आगे की ओर झुकाना चाहिए, इससे मूत्राशय पूरी तरह से खाली होगा, जिससे संभवत: बार-बार पेशाब की समस्या दूर होगी.
संतुलित और पौष्टिक आहार लें
गर्भावस्था में पौष्टिक और संतुलित आहार लेने से शरीर को कई प्रकार से फायदा हो सकता है. पौष्टिक आहार में सभी प्रोटीन, विटामिन्स और मिनरल्स युक्त आहार लेना चाहिए. इससे शरीर में पोषण तत्वों की कमी नहीं होती, वहीं दूसरी ओर गर्भवती महिला के शिशु का विकास भी अच्छी तरह से होता है. गर्भावस्था के दौरान आयरन और विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन ज्यादा करना चाहिए.