Premanand Maharaj: बच्चे का मोबाइल से नहीं छूट रहा पीछा? प्रेमानंद जी की ये बात बदल देगी आदत
Premanand Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज ने बच्चों की मोबाइल फोन और यूट्यूब शॉर्ट्स की लत खत्म करने के लिए सुझाव बताया है, ताकि वे अपने मन पर कंट्रोल कर सकें. इसे फॉलो करके आप भी अपने बच्चों को मोबाइल की लत से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकते हैं.
मोबाइल की लत पर प्रेमानंद जी महाराज का प्रवचन
मोबाइल और यूट्यूब शॉर्ट्स की लत बच्चों में एक गंभीर समस्या बन गई है. एक बच्चे ने प्रेमानंद जी महाराज को बताया कि वह घंटों अपने मोबाइल फोन पर गेम्स और शॉर्ट्स देखता है. महाराज जी ने समझाया कि यह मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की उम्र नहीं है. इसके बजाय अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दो.
प्रेमानंद जी ने मोबाइल की लत के बारे में क्या कहा?
प्रेमानंद जी ने अपने प्रवचन में बताया कि बचपन भविष्य की नींव रखने के लिए होता है, न कि मोबाइल फोन स्क्रीन पर समय बर्बाद करने के लिए. उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर मौजूद अश्लील और गलत कंटेंट बच्चों के कोमल मन को गंदा कर रहा है. यह कंटेंट न सिर्फ बच्चे का समय बर्बाद करता है, बल्कि उनके भविष्य को भी खतरे में डालता है.
कंटेंट बदलें
महाराज ने सलाह दी कि अगर मोबाइल की आदत तुरंत नहीं छूट सकती, तो कम से कम इसके इस्तेमाल का तरीका बदलें. एंटरटेनमेंट कंटेंट के बजाय, अपने मोबाइल फोन पर रामायण, महाभारत और धार्मिक कहानियां देखें. इससे मन में अच्छे संस्कार आएंगे.
माता-पिता की भूमिका
महाराज जी ने बच्चों के साथ-साथ माता-पिता को भी संदेश दिया. उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों का समय क्रिएटिव एक्टिविटीज और भक्ति की ओर मोड़ना चाहिए, ताकि वे इस डिजिटल जाल से बाहर निकल सकें और खुद में सुधार कर सकें.
शारीरिक गतिविधि
बच्चे की मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए संयम, धैर्य और सकारात्मक रवैये की ज़रूरत होती है. स्क्रीन टाइम सीमित करें और उनकी रुचियों और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा दें. ऐसा करके आप बच्चों को डिजिटल लत से दूर रख सकते हैं. इससे न सिर्फ उनकी आदतें सुधरेंगी, बल्कि उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य भी मजबूत होगा.