Rahul Dravid Love Story: विंग कमांडर की बेटी ने चुराया था ‘द वॉल’ का दिल? राहुल द्रविड़ की इस अनसुनी लव स्टोरी के बारे में नहीं जानते होंगे आप!
क्रिकेट की पिच पर ‘द वॉल’ बनकर गेंदबाजों को थकाने वाले राहुल द्रविड़ की निजी जिंदगी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. क्या आप जानते हैं कि अनुशासन की मिसाल माने जाने वाले द्रविड़ का दिल किस पर आया था? आइए, तस्वीरों के जरिए जानते हैं उनकी सादगी भरी इस अनोखी लव स्टोरी के कुछ अनसुने किस्से.
प्यार का अनजाना सफर
सच ही कहा गया है कि प्यार कब और किससे हो जाए, यह कोई नहीं जानता. हम कभी यह तय नहीं कर सकते कि हमारा दिल कब किसी खास शख्स के लिए धड़कने लगेगा. भारतीय क्रिकेट के दिग्गज राहुल द्रविड़ की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि उनके पिता के दोस्त की बेटी ही उनकी जीवनसंगिनी बनेगी.
इंदौर से नागपुर तक का सफर
राहुल द्रविड़ का जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था, जहाँ उनके पिता कार्यरत थे. कुछ समय बाद उनके पिता का तबादला नागपुर हो गया और राहुल भी उनके साथ वहीं चले गए. यही वह शहर था जहाँ उनकी किस्मत के सितारे उनकी भावी पत्नी विजेता पेंढारकर से मिलने वाले थे.
दो परिवारों की पुरानी दोस्ती
विजेता के पिता वायुसेना में विंग कमांडर थे और उस दौरान नागपुर में ही तैनात थे. राहुल के पिता और विजेता के पिता के बीच गहरी दोस्ती थी. पारिवारिक मेल-जोल की वजह से दोनों परिवार एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए थे, जिससे राहुल और विजेता को अक्सर मिलने का मौका मिलता था.
मुलाकातों का सिलसिला और प्यार
इसी दोस्ती और मुलाकातों के बीच राहुल द्रविड़ को विजेता से प्यार हो गया. राहुल, विजेता को बहुत पसंद करते थे और अक्सर उनसे मिलने के बहाने ढूंढा करते थे. जल्द ही उनकी केमिस्ट्री दोनों परिवारों की नजरों में आ गई और सबको अहसास हो गया कि इन दोनों के बीच कुछ खास है.
शादी का फैसला और वर्ल्ड कप
जब दोनों परिवारों को उनके रिश्ते के बारे में पता चला, तो उन्होंने बिना देर किए 2002 में उनकी शादी तय कर दी. हालांकि, उस समय राहुल 2003 के विश्व कप की तैयारियों में व्यस्त थे. खेल के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए शादी को वर्ल्ड कप के बाद तक के लिए टाल दिया गया.
एक नई पारी की शुरुआत
विश्व कप खत्म होने के बाद, 4 मई 2003 को राहुल द्रविड़ और विजेता पेंढारकर शादी के बंधन में बंध गए. यह एक सादा और गरिमापूर्ण समारोह था, जिसने क्रिकेट जगत के इस सबसे शांत और सुलझे हुए खिलाड़ी के जीवन में एक नई खुशहाली भर दी.
'द वॉल' का शानदार करियर
मैदान पर 'द वॉल' के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 24,208 रन बनाए. 1996 में डेब्यू करने वाले द्रविड़ ने टेस्ट में 13,288 और वनडे में 10,889 रन जोड़े। साल 2005 में टीम इंडिया की कप्तानी संभालने वाले द्रविड़ आज भी करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं.