Ram Navami 2026: राम नवमी पर ये उपाय कर लिए तो खत्म हो सकते हैं सभी ग्रह दोष, श्रीराम की मिलेगी विशेष कृपा
Ram Navami 2026 Upay: हिंदू धर्म में राम नवमी का पर्व अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है. यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में जाना जाता है, जो चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पड़ता है. मान्यता है कि इसी शुभ घड़ी में प्रभु श्रीराम ने धरती पर अवतार लिया था. वर्ष 2026 में यह पर्व 26 मार्च को मनाया जाएगा, क्योंकि इसी दिन दोपहर के समय नवमी तिथि में उनका जन्म माना गया है.आइए जानते हैं राम नवमी 2026 के कुछ उपायो के बारे में.
राम रक्षा स्तोत्र का पाठ
राम नवमी के दिन राम रक्षा स्तोत्र का कम से कम 11 बार पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है. इससे व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है. साथ ही कुंडली में मौजूद ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव भी धीरे-धीरे कम होने लगते हैं और शत्रुओं पर विजय मिलने के योग बनते हैं.
रामचरितमानस के बालकांड का पाठ
इस दिन गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस के बालकांड का पाठ करना विशेष फलदायी माना गया है. ऐसा करने से भगवान श्रीराम की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में चल रही बाधाएं व परेशानियां दूर होने लगती हैं.
विष्णु सहस्त्रनाम का जप
भगवान श्रीराम को विष्णु का अवतार माना जाता है, इसलिए राम नवमी के दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना भी अत्यंत शुभ होता है. इससे पापों का नाश होता है और घर-परिवार में सुख-शांति व समृद्धि का वास होता है.
तुलसी की माला अर्पित करें
राम नवमी के दिन भगवान श्रीराम को तुलसी की माला चढ़ाना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है. ध्यान रखें कि माला में कम से कम 108 पत्ते हों. इससे भगवान प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. साथ ही राहु और शनि दोष के प्रभाव भी कम होने लगते हैं.
राम दरबार की पूजा
इस दिन घर में राम दरबार यानी भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए. पूजा के दौरान फूल, चंदन, धूप और घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
राम नाम का जाप करें
राम नवमी के दिन “राम” नाम का 108 बार जप करना अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है. इससे मन को शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
हनुमान जी की आराधना
भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की पूजा भी इस दिन विशेष फल देती है. सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी संकट दूर होते हैं और व्यक्ति को साहस व बल की प्राप्ति होती है.